Uturn Time
Breaking
Amritsar: ऑपरेशन ब्लू स्टार की याद में Akal Takht में धार्मिक कार्यक्रम शुरू, संगत में भावुक माहौल Chandigarh: बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी हवारा ने मांगी राहत, मां की देखभाल के लिए पैरोल की मांग Hisar: मेजर अमित कुमार ने किया हिसार का नाम रोशन, उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिला सम्मान Hisar: रिश्वतखोरी पर एसीबी का शिकंजा, हिसार में दो पटवारी सहित तीन गिरफ्तार Chandigarh: हरियाणा एसीबी की नई पहल, मोबाइल एप के जरिए भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश New Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड के बाद प्रशासन सक्रिय, पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने का निर्णय, मृतकों के परिवारों को 10 लाख New Delhi: ईडी की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप, सलीम डोला सिंडिकेट के 21 ठिकानों पर छापेमारी Ludhiana: बिट्टू गुंबर गौसेवा के लिए पूरी तरह समर्पित हैं: दर्शन लाल बवेजा Ludhiana: राजा वडिंग के नेतृत्व में 2027 चुनावों के लिए कांग्रेस पूरी तरह सक्रिय: विपन अरोड़ा Sonipat: उपायुक्त नेहा से मिले पीएम केयर्स योजना के बच्चे, उज्जवल भविष्य को लेकर हुई बातचीत Rewari: हरियाणा में पेयजल व्यवस्था को लेकर सरकार सख्त, रणबीर गंगवा बोले- अधिकारियों की लापरवाही नहीं चलेगी New Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सख्त, अधिकारियों के साथ शुक्रवार को होगी समीक्षा बैठक
Logo
Uturn Time
चंडीगढ़/मोहाली: एंडोक्राइन सोसाइटी ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय अकादमिक पहल “वी केयर 2026” और ओबेसिटी वीक का शुभारंभ शनिवार को मोहाली के एक निजी होटल में हुआ। दो दिवसीय इस सम्मेलन में देशभर से आए एंडोक्राइनोलॉजिस्ट महिलाओं के स्वास्थ्य, हार्मोनल विकारों और तेजी से बढ़ती मोटापे की समस्या पर चर्चा कर रहे हैं। सम्मेलन में किशोरावस्था, गर्भावस्था और रजोनिवृत्ति के दौरान होने वाले हार्मोनल परिवर्तनों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से विचार-विमर्श किया। साथ ही एंडोक्राइन विकारों की समय पर पहचान और उनके प्रभावी प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर दिया गया। आयोजन की चेयरपर्सन डॉ. सरिता बजाज ने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल करना स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आयोजन सचिव डॉ. गगन प्रिया ने कहा कि मोटापा एक क्रोनिक बीमारी है और इसके इलाज में उपयोग होने वाली नई दवाएं, जैसे ओजेम्पिक, केवल प्रशिक्षित एंडोक्राइनोलॉजिस्ट की सलाह से ही दी जानी चाहिए। वैज्ञानिक चेयरपर्सन डॉ. एमी ग्रेवाल के स्वागत भाषण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस दौरान डॉ. उषा श्रीराम ने मधुमेह से पीड़ित महिलाओं में प्रीकंसेप्शन केयर की कमी पर चिंता जताई। विशेषज्ञों ने बताया कि भारत में लगभग हर चार में से एक महिला मोटापे से प्रभावित है, जो गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। सम्मेलन में डॉ. निखिल टंडन, डॉ. डोना रायन और अन्य विशेषज्ञों ने भी मोटापा प्रबंधन और महिलाओं के हार्मोनल स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।