इस्लामाबाद/काबुल, 27 फरवरी।** अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच दुरंड रेखा पर गुरुवार देर रात भीषण सैन्य झड़पें हुईं, जिसके बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव और गहरा गया है। सीमा के कई इलाकों में भारी गोलीबारी, मोर्टार हमलों और जवाबी सैन्य कार्रवाई की खबरें हैं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पहले हमला करने का आरोप लगाया है और बड़े नुकसान के दावे किए हैं।
अफगान पक्ष का कहना है कि उसने पाकिस्तानी सीमा चौकियों पर जवाबी कार्रवाई करते हुए कई ठिकानों को निशाना बनाया। कुछ चौकियों पर कब्ज़े और पाकिस्तानी सैनिकों के हताहत होने के दावे भी किए गए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
दूसरी ओर, पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसकी सेना ने “अप्रेरित और उकसावे वाली कार्रवाई” का मुंहतोड़ जवाब दिया है। पाकिस्तानी सैन्य प्रवक्ता के अनुसार जवाबी कार्रवाई में अफगान पक्ष को भारी नुकसान पहुंचा है और सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है।
### हवाई हमलों की भी खबर
सूत्रों के मुताबिक, सीमा पर झड़पों के कुछ घंटों बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के अंदर कथित आतंकी ठिकानों पर सीमित हवाई हमले किए। पाकिस्तान का कहना है कि यह कार्रवाई उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत की गई। वहीं अफगान प्रशासन ने आरोप लगाया कि इन हमलों में कुछ नागरिक क्षेत्र भी प्रभावित हुए हैं।
### नागरिकों में दहशत
सीमा से सटे गांवों में रहने वाले नागरिकों में दहशत का माहौल है। कई परिवारों ने एहतियातन सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन किया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से घरों में रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
### पृष्ठभूमि और कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया संघर्ष के पीछे सीमा पार सक्रिय उग्रवादी संगठनों को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से चला आ रहा अविश्वास प्रमुख कारण है। पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि कुछ आतंकी समूह अफगान भूमि का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि अफगान पक्ष इन आरोपों से इनकार करता रहा है।
### अंतरराष्ट्रीय अपील
संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने दोनों देशों से संयम बरतने और कूटनीतिक माध्यमों से विवाद सुलझाने की अपील की है। क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंता जताई जा रही है।
### आगे क्या?
हालांकि अभी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द ही वार्ता का रास्ता नहीं अपनाया गया तो तनाव और बढ़ सकता है।