जीरकपुर 20 Feb : बिजली बोर्ड के ठेका कर्मचारियों ने अपनी जायज़ मांगों को लेकर हल्का विधायक डेराबस्सी के कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने एयरपोर्ट चौक और छत गांव में मार्च निकालते हुए पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
धरने के दौरान प्रेस से बात करते हुए ए.ई.एम. सिद्धू सर्कल सचिव मोहाली और अमनिंदर सिंह ने बताया कि ठेका कर्मचारी, जो कि बिजली विभाग के अधीन कार्यरत हैं, पिछले तीन दिनों से SE कार्यालय जीरकपुर के सामने धरना देने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि अधिकारी उनकी जायज़ मांगें मानने से इनकार कर रहे हैं और संघर्ष करने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
आज का प्रदर्शन DMart रोड से शुरू होकर एयरपोर्ट चौक पर रोका गया, जहां नारेबाजी की गई और आम जनता को जागरूक किया गया। इसके बाद मार्च छत गांव की ओर बढ़ा। गांव में कर्मचारियों ने लोगों को बिजली बिल 2025, लेबर कोड, नरेगा योजना के समाप्त होने वाले बिल और किसान संबंधी बिलों के बारे में जानकारी दी और 22 फरवरी को हल्का विधायक डेराबस्सी के कार्यालय के सामने दिए जाने वाले धरने में शामिल होने की अपील की।
कर्मचारियों ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि “सरकार आम लोगों की सरकार कहकर सत्ता में आई थी, लेकिन आज यह खास बन गई है। यह किसानी, सरकारी संस्थाओं और कर्मचारियों का रोजगार कॉर्पोरेट हितों को बेचने जा रही है। आने वाले दिनों में आर्ट मीटर और रिचार्ज सिस्टम आम लोगों की जिंदगी को प्रभावित करेंगे।”
इस अवसर पर उन्होंने पिछले दिनों किसानों के घरों में की गई लाठीचार्ज, पत्थराव और गिरफ्तारी की भी कड़ी निंदा की और ऐसे कृत्यों के खिलाफ विरोध जताया।
धरने में कुलवीर सिंह मुबारकिपुर, हरविंदर सिंह छत (किसान नेता), गुरमीत सिंह, रोहित शर्मा, सुखविंदर सुखी और अन्य लोग भी मौजूद रहे।