Uturn Time
Breaking
कनाडा में पंजाबी के घर सवा करोड़ की चोरी, रोते हुए महिला बोली- 5 माह पहले मकान लिया, 2 मिनट में सब बर्बाद हुआ नूरां सिस्टर्स के पिता उस्ताद मीर की हालत गंभीर, आर्थिक मदद की लगाई गुहार अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 3 आरोपी हथियारों सहित किए अरेस्ट, पाकिस्तानी तस्करों से जुड़े तार जीरकपुर में आरक्षण को लेकर बवाल, अनुसूचित जाति संगठनों ने जताया कड़ा विरोध CBSE 10वीं बोर्ड में 500/500 लाकर परफेक्ट स्कोर किया:पिता ने कहा था- 33% में भी दिक्कत नहीं; आयुष्मान ने बताए तैयारी के सीक्रेट्स ग्राउंड रिपोर्टमदुरै से करीब 15 किमी दूर तिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी है। चंडीगढ़ में वॉकिंग ट्रैक पर दौड़ी कार:पुलिस तैनात, नहीं लगी भनक; ड्राइवर बोला- मेरे पास परमिशन, दस्तावेजों समेत पुलिस स्टेशन बुलाया पंजाब-चंडीगढ़ में बढ़ी गर्मी, बारिश की संभावना नहीं:कल से चलेगी हीट वेव, रातें भी रहेंगी गर्म; हीट स्ट्रोक यूनिट तैयार पठानकोट पुलिस ने एक्टिवा सवार 3 युवकों को हेरोइन और ड्रग मनी सहित काबू किया है औजला के गाने पर सिद्धू की नई रील:अमृतसर में काला कुर्ता और गले में पहना कंठा, गाना लगाया- गबरू पुत्त पंजाब दा पंजाब में बेअदबी मामलों की जांच के लिए नई SOP:SHO मौके पर जाएगा, साजिश और फंडिंग तक जांच, 60-90 दिन में चालान इंस्टाग्राम सब्सक्रिप्शन कंटेंट पर बवाल: Vishnu Priya के खिलाफ केस दर्ज
Logo
Uturn Time
220 केवी हाईटेंशन लाइन को लेकर किसानों का विरोध, मुआवजे पर विवाद बरकरार – बिना सहमति खेतों में काम शुरू करने का आरोप – खड़ी फसल को नुकसान, किसान न्याय की मांग पर अड़े डेराबस्सी 29 Dec : हैबतपुर क्षेत्र में 220 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन बिछाने को लेकर किसानों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। किसानों का आरोप है कि पावरकॉम विभाग की लापरवाही के चलते उनकी जमीन और फसलों को नुकसान पहुंचा है, जबकि अब तक न तो उनकी सहमति ली गई और न ही किसी प्रकार का मुआवजा दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, विभाग द्वारा पहले दो बिजली खंभों की नींव डाली गई थी, जो बाद में गलत साबित हुई। शिकायत के बाद विभाग ने रातों-रात एक खंभा उखाड़ लिया। आरोप है कि अपनी गलती छिपाने के लिए विभाग ने पहले से प्रस्तावित छह तारों वाली लाइन को 12 तारों में तब्दील कर उसी रूट से नई लाइन डालने का काम शुरू कर दिया। किसानों का कहना है कि भारी मशीनरी खेतों में चलाने से उनकी खड़ी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इसके बावजूद विभाग ने न तो किसानों से पूर्व अनुमति ली और न ही किसी तरह का मुआवजा तय किया गया। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इसी रूट में मुस्लिम वक्फ बोर्ड की जमीन भी आती है, जिसके लिए वक्फ बोर्ड और प्रशासन के बीच करीब 53 लाख रुपये के मुआवजे पर सहमति बन चुकी है। किसानों का सवाल है कि जब सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थाओं की जमीन के लिए आसानी से मुआवजा तय किया जा सकता है, तो निजी जमीन के मालिक किसानों को उनके अधिकार से क्यों वंचित किया जा रहा है। मामले को लेकर विभाग द्वारा कुछ जिम्मेदार किसानों के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाए जाने से रोष और बढ़ गया। इसके विरोध में सोमवार को हैबतपुर गांव के निवासी मुबारकपुर चौकी पर एकत्र हुए और शांतिपूर्ण लेकिन मजबूती से प्रदर्शन करते हुए न्याय की मांग की। इस संबंध में जब पावरकॉम डेराबस्सी के एसडीओ अमृतपाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे को लेकर डीसी मोहाली के साथ बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को जो भी मुआवजा दिया जाएगा, वह विभाग की ओर से ही दिया जाएगा और इस विषय पर लगातार बैठकें की जा रही हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल किसानों और प्रशासन के बीच कलेक्टर रेट को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है। वहीं, हैबतपुर गांव के निवासियों और ग्राम पंचायत ने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए इसका न्यायसंगत समाधान निकाला जाए। किसानों को उनकी जमीन और फसलों के नुकसान का मुआवजा बाजार दर के अनुसार, उनकी सहमति से और कार्य शुरू होने से पहले दिया जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया कानूनी और पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके।