Advertisement
uturntime
Breaking
बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन: व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा? सीएम मान को जहरीला केमिकल पोलोनियम देने का दावा, खालिस्तानी आतंकियों ने बेअंत सिंह जैसा हाल करने की धमकी दी वीआईपी रोड से दिनदहाड़े मोटरसाइकिल चोरी, अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज लिफ्ट देना पड़ा महंगा, दो युवकों ने फाइनेंस कारोबारी से झपटी सोने की चेन कब्रिस्तान के पास बोरवेल लगाने को लेकर विवाद गहराया, नगर परिषद ने कराई जमीन की पैमाइश ज़ीरकपुर में टूटा गटर बना परेशानी का सबब, वेलफेयर सोसाइटी ने खुद कराया ठीक ज़ीरकपुर में आरयूबी 123-सी को लेकर आमरण अनशन समाप्त कुलजीत सिंह रंधावा ने लालड़ू क्षेत्र में 12.65 करोड़ की सड़क परियोजनाओं का किया शुभारंभ व्यापारियों व दुकानदारों को सुरक्षा प्रदान करने में फेल हुई आप सरकार:एन के शर्मा ज़ीरकपुर में प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों पर छापा, भारी मात्रा में सामान जब्त ज़ीरकपुर की प्रीत कॉलोनी में गैस सिलेंडर लीक होने से लगी आग, बड़ा हादसा टला ज़ीरकपुर के ढकोली में कार मैकेनिक को आवारा कुत्ते ने काटा
Logo
uturntime
ज़ीरकपुर 17 Feb : गांव छत में कब्रिस्तान के नजदीक बोरवेल लगाने को लेकर चल रहा विवाद सोमवार को उस समय नया मोड़ ले गया, जब नगर परिषद की टीम मौके पर पहुंची और जमीन की पैमाइश की। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में की गई इस कार्रवाई के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। मौके पर डीएम पंकज चौधरी और इंफोर्समेंट विंग के इंस्पेक्टर अशोक कुमार अपनी टीम सहित पहुंचे। अधिकारियों ने फीतों के माध्यम से जमीन की नाप-जोख की और संबंधित पक्षों से बातचीत की। मुस्लिम भाईचारे के प्रतिनिधियों ने टीम के समक्ष कोर्ट से संबंधित दस्तावेज पेश करते हुए दावा किया कि जिस स्थान पर बोरवेल लगाया जा रहा है, वह उनकी निजी जमीन है और कथित विवादित भूमि से अलग है। समुदाय के सदस्यों का कहना है कि प्रशासन के सामने की गई पैमाइश से यह स्पष्ट हुआ है कि जमीन कब्रिस्तान की सीमा में ही आती है, लेकिन उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि पानी की समस्या का समाधान करना है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में लंबे समय से पानी की किल्लत बनी हुई है। पहले लगाया गया हैंडपंप सूख चुका है, जिससे लोगों को दैनिक कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए समुदाय ने आपसी सहयोग से चंदा इकट्ठा कर समरसेबल बोर करवाने का निर्णय लिया था। मुस्लिम भाईचारे ने प्रशासन के समक्ष स्पष्ट कहा कि यदि वे किसी भी रूप में दोषी पाए जाते हैं तो नगर परिषद जो भी कानूनी कार्रवाई उचित समझे, वह स्वीकार होगी। वहीं, यदि उनका दावा सही पाया जाता है और शिकायत निराधार साबित होती है, तो शिकायतकर्ताओं के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। समुदाय का आरोप है कि पहले बिना लिखित नोटिस के काम रुकवाया गया और बाद में पुलिस को शिकायत भेज दी गई। इस मौके पर रमजान मोहम्मद, गुलाम बरी, फैसल खान, मेहर दिन, फजलदीन, अनीश मोहम्मद और सलमान खान सहित मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कोट “संबंधित अधिकारियों द्वारा जमीन की पैमाइश कर दी गई है। मौके पर गए अधिकारियों की रिपोर्ट देखने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।” — परविंदर सिंह भट्टी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद जीरकपुर