अजीत झा.
चंडीगढ़। नगर निगम चंडीगढ़ की वित्त एवं अनुबंध समिति की बैठक शुक्रवार को मेयर हरप्रीत कौर बबला की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में आयुक्त अमित कुमार (आईएएस), विशेष आयुक्त प्रदीप कुमार, समिति सदस्य सौरभ जोशी, गुरप्रीत सिंह, जस्मनप्रीत सिंह और सुमन देवी सहित नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।बैठक में शहर के विभिन्न सेक्टरों में स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज, जलापूर्ति व्यवस्था और सार्वजनिक ढांचे के सुदृढ़ीकरण से जुड़े अहम प्रस्तावों पर चर्चा की गई और उन्हें मंजूरी दी गई। समिति ने कहा कि इन परियोजनाओं से बरसात के दौरान जलभराव की समस्या कम होगी और नागरिक सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।
ये कार्य हुए मंजूर
• पंजाब यूनिवर्सिटी, सेक्टर-14 के रिहायशी क्षेत्र से अतिरिक्त बरसाती पानी की निकासी के लिए 900, 600 और 450 एमएम व्यास की स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज पाइपलाइन बिछाई जाएगी। यह पाइपलाइन सेक्टर 14/15/24/25 के राउंडअबाउट के पास मौजूदा ड्रेनेज सिस्टम से जोड़ी जाएगी। अनुमानित लागत 26.98 लाख रुपये।
• सेक्टर-49 के गुडविल एन्क्लेव के पास वी-5 रोड पर सिल्ट से भरी पुरानी ड्रेनेज लाइन की जगह नई समानांतर स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज लाइन डाली जाएगी। अनुमानित खर्च 30.56 लाख रुपये।
• धनास स्थित मिल्क कॉलोनी में पार्क के पास 100, 150 और 200 एमएम व्यास की डीआई जलापूर्ति पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस पर 28.01 लाख रुपये खर्च होंगे।
• मौली जागरण कॉम्प्लेक्स स्थित सामुदायिक केंद्र की विशेष मरम्मत को मंजूरी दी गई है, जिस पर 48.74 लाख रुपये की लागत आएगी।
• सेक्टर-43 स्थित सरकारी आवासों (मकान नंबर 14–33, 43, 61–67, 73–82 और 873) के आसपास बारिश के पानी की निकासी के लिए नया स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाएगा। अनुमानित लागत 48.15 लाख रुपये।
• सेक्टर-16डी में एससीओ नंबर 21 से 85 तक मार्केट/शोरूम के आगे और पीछे की फ्लोरिंग को अपग्रेड किया जाएगा। इस कार्य पर 27.86 लाख रुपये खर्च होंगे।
समय पर और गुणवत्तापूर्ण काम के निर्देश
एफ एंड सीसी ने संबंधित विभागों को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर और तय गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूरे करने के निर्देश दिए हैं। समिति का कहना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहर में जलभराव की समस्या कम होगी और बुनियादी सुविधाएं और मजबूत होंगी।