Uturn Time
Breaking
Amritsar: ऑपरेशन ब्लू स्टार की याद में Akal Takht में धार्मिक कार्यक्रम शुरू, संगत में भावुक माहौल Chandigarh: बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी हवारा ने मांगी राहत, मां की देखभाल के लिए पैरोल की मांग Hisar: मेजर अमित कुमार ने किया हिसार का नाम रोशन, उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिला सम्मान Hisar: रिश्वतखोरी पर एसीबी का शिकंजा, हिसार में दो पटवारी सहित तीन गिरफ्तार Chandigarh: हरियाणा एसीबी की नई पहल, मोबाइल एप के जरिए भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश New Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड के बाद प्रशासन सक्रिय, पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने का निर्णय, मृतकों के परिवारों को 10 लाख New Delhi: ईडी की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप, सलीम डोला सिंडिकेट के 21 ठिकानों पर छापेमारी Ludhiana: बिट्टू गुंबर गौसेवा के लिए पूरी तरह समर्पित हैं: दर्शन लाल बवेजा Ludhiana: राजा वडिंग के नेतृत्व में 2027 चुनावों के लिए कांग्रेस पूरी तरह सक्रिय: विपन अरोड़ा Sonipat: उपायुक्त नेहा से मिले पीएम केयर्स योजना के बच्चे, उज्जवल भविष्य को लेकर हुई बातचीत Rewari: हरियाणा में पेयजल व्यवस्था को लेकर सरकार सख्त, रणबीर गंगवा बोले- अधिकारियों की लापरवाही नहीं चलेगी New Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सख्त, अधिकारियों के साथ शुक्रवार को होगी समीक्षा बैठक
Logo
Uturn Time
होशियारपुर, 05 Feb : तरसेम दीवाना - गजटेड और नॉन-गजटेड SC BC एम्प्लॉइज वेलफेयर फेडरेशन के स्टेट चेयरमैन जसवीर सिंह पाल और स्टेट वाइस चेयरमैन बलराज कुमार के निर्देश पर स्टेट प्रेसिडेंट कुलविंदर सिंह बोदल और स्टेट सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और जिला प्रेसिडेंट बलदेव सिंह धुग्गा ने प्रेस को जानकारी देते हुए कहा कि पंजाब में शिक्षा क्रांति लाने का वादा करने वाली पंजाब सरकार टीचरों की ड्यूटी हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड बनाने में लगाकर गरीब और दलित बच्चों को पढ़ाई से दूर करना चाहती है। पंजाब सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पंजाब सरदार भगवंत सिंह मान ने वादा किया था कि पंजाब में शिक्षा क्रांति लाने के लिए टीचरों से पढ़ाई के अलावा दूसरे काम नहीं लिए जाएंगे, लेकिन यह वादा पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स के सालाना एग्जाम आने वाले हैं। इन स्कूल के दिनों में टीचरों की ड्यूटी घर-घर जाकर हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड बनाने में लगा दी गई है, जिससे स्कूल टीचरों से खाली हो गए हैं। ज़्यादातर गरीब और दलितों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं। सरकार को इन बच्चों की कोई परवाह नहीं है, जिससे बच्चों और उनके माता-पिता में चिंता है। उन्होंने मांग की कि इन एग्जाम के दिनों में टीचरों की ड्यूटी नॉन-एकेडमिक काम में न लगाई जाए, ताकि टीचर स्टूडेंट्स को एग्जाम की तैयारी करा सकें। कैप्शन - कुलविंदर सिंह बोदल और बलदेव सिंह धुग्गा प्रेस को जानकारी देते हुए।