-15 फीट गहरी खुदाई में दबे तीन मजदूर, दो ने अस्पताल में तोड़ा दम
-पार्षद का आरोप-चेतावनी के बावजूद बिना सुरक्षा कराया जा रहा था काम
-पार्षद का आरोप-चेतावनी के बावजूद बिना सुरक्षा कराया जा रहा था काम
मोहाली। मोहाली के एयरोसिटी स्थित ए-ब्लॉक में निर्माणाधीन निजी अस्पताल की साइट पर गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। करीब 15 फीट गहरे बेसमेंट की खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी की दीवार का एक हिस्सा धंसकर नीचे काम कर रहे मजदूरों पर जा गिरा। हादसे में तीन मजदूर मलबे के नीचे दब गए। उन्हें रेस्क्यू कर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दो को मृत घोषित कर दिया। एक मजदूर का उपचार चल रहा है।
रिटेनिंग वॉल के लिए चल रही थी बेसमेंट की खुदाई
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एयरपोर्ट रोड स्थित एयरोसिटी के ए-ब्लॉक में निजी अस्पताल के निर्माण का काम चल रहा है। रिटेनिंग वॉल बनाने के लिए साइट पर बेसमेंट की खुदाई करीब 15 फीट तक की जा चुकी थी। बताया जा रहा है कि गुरुवार को जेसीबी से खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक बगल की मिट्टी की बड़ी डग खिसक गई और नीचे काम कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों और लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। पुलिस, प्रशासन और बचाव दल भी मौके पर पहुंचे और मिट्टी हटाकर मजदूरों को बाहर निकाला। तीनों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां दो की मौत हो गई। हैरानी की बात है कि हादसा करीब साढ़े 7 बजे के आसपास हुआ बताया जा रहा है लेकिन देर रात तक कोई रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं पहुंची।
मृतकों की पहचान नहीं, एक घायल
डीएसपी हरसिमरत सिंह बल ने बताया कि दो लोगों को मौके से रेस्क्यू किया गया है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस मृतकों की पहचान कराने में जुटी है। वहीं घायल मजदूर का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
मोहाली की डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार रिटेनिंग वॉल के लिए करीब 15 फीट गहरी खुदाई की गई थी। इसी दौरान मिट्टी की दीवार गिरने से तीन मजदूर दब गए, जिनमें से दो की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि एसडीएम को घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
पार्षद बोले- पहले ही दी थी चेतावनी
वार्ड नंबर-22 के पार्षद हरविंदर सिंह बिंदर ने आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा को लेकर ठेकेदार और कंपनी के कर्मचारियों को पहले ही चेतावनी दी गई थी। उनके अनुसार मजदूरों ने बताया कि ठेकेदार कथित तौर पर बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के काम करवा रहा था। पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि मजदूरों से 500 से 1000 रुपये तक की दिहाड़ी पर देर रात करीब नौ बजे तक काम करवाया जाता था। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सुरक्षा इंतजामों पर ध्यान दिया जाता तो हादसे को टाला जा सकता था।
हादसे के समय 7-8 मजदूर कर रहे थे काम
बताया जा रहा है कि हादसे के समय निर्माण स्थल पर करीब 7-8 मजदूर काम कर रहे थे। मिट्टी की डग गिरने के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। प्रशासन की टीम ने पूरे स्थल का निरीक्षण कर यह भी सुनिश्चित किया कि कोई अन्य मजदूर मलबे में न दबा हो।
परमिशन और सुरक्षा इंतजामों की होगी जांच
डीएसपी हरसिमरत सिंह बल ने कहा कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। यह भी जांच का हिस्सा होगा कि निर्माण स्थल पर काम करने की अनुमति थी या नहीं और बेसमेंट की खुदाई के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
प्रशासन की रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट होगा कि मिट्टी की दीवार गिरने की वास्तविक वजह क्या थी और निर्माण स्थल पर सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। हादसे के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और ठेकेदार की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है।