मोहाली पुलिस ने भगोड़े अपराधियों के खिलाफ अभियान में बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले 15 महीनों में 302 पीओ मामलों का निपटारा किया। इनमें 200 भगोड़ों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 80 की मौत की पुष्टि होने और 22 मामलों में सजा, बरी या मुकदमा रद्द होने के कारण नाम सूची से हटाए गए। गिरफ्तार आरोपियों में संगीन अपराधों के 8 और चेक बाउंस मामलों के 13 आरोपी शामिल हैं।
मोहाली : मोहाली पुलिस ने भगोड़े अपराधियों (पीओ) के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पिछले 15 महीनों के दौरान कुल 302 भगोड़ों के मामलों का निपटारा किया है। इनमें 200 भगोड़ों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 80 भगोड़ों की मौत की पुष्टि होने और 22 मामलों में सजा, बरी व मुकदमा रद्द होने के कारण उनके नाम पीओ सूची से हटा दिए गए।
एसपी इन्वेस्टिगेशन सौरव जिंदल ने बताया कि एसएसपी हरमंदीप सिंह हंस के निर्देश पर भगोड़े अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष पीओ स्टाफ का गठन किया गया है। इसका उद्देश्य लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें कानून के कटघरे में लाना है। इसी अभियान के तहत 1 जून 2025 से 20 अगस्त 2026 तक थाना पुलिस और पीओ स्टाफ ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
उन्होंने बताया कि इस अवधि में पुलिस ने कुल 302 भगोड़ों को गिरफ्तार करने या उनकी स्थिति की पुष्टि करने के बाद पीओ सूची से बाहर किया। इनमें सबसे अधिक 200 मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, जांच और रिकॉर्ड की तस्दीक के दौरान 80 भगोड़ों की मौत होने की पुष्टि हुई। इसके अलावा 22 मामलों में संबंधित मुकदमों में आरोपियों को सजा या बरी किए जाने अथवा केस क्वैश होने के कारण उन्हें पीओ सूची से हटा दिया गया।
संगीन अपराध और चेक बाउंस के आरोपी भी शामिल
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए 200 भगोड़ों में 8 आरोपी संगीन अपराधों से जुड़े हुए थे, जबकि 13 आरोपी चेक बाउंस के मामलों में वांछित थे। पुलिस ने इन आरोपियों को गिरफ्तार कर संबंधित मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई की है।
एसपी इन्वेस्टिगेशन ने कहा कि भगोड़े अपराधियों के खिलाफ अभियान को लगातार तेज किया जा रहा है। थाना स्तर पर पुलिस अधिकारियों को पुराने मामलों में अदालत द्वारा घोषित पीओ आरोपियों की जानकारी जुटाने और उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस टीमों की ओर से पीओ आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ-साथ उनकी मौजूदा स्थिति की भी जांच की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लंबित मामलों का निपटारा करना है। भगोड़ों के खिलाफ यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा।