महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष ऋचा पाहवा ने महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब केवल परिवार तक सीमित नहीं, बल्कि समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। शिक्षा, सुरक्षा, रोजगार और राजनीति में भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकार पहचानकर आत्मनिर्भर बनने और संगठित होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
बराड़ा (अमरिंदर सिंह) : महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष ऋचा पाहवा महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर लगातार अपनी आवाज बुलंद कर रही हैं। उनका मानना है कि आज की महिला केवल घर की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और देश की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
ऋचा पाहवा ने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना समय की जरूरत है। शिक्षा, सुरक्षा, रोजगार और राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से ही वास्तविक रूप से सशक्त समाज का निर्माण संभव है।उन्होंने कहा कि महिला शक्ति को केवल चुनावी समय पर याद करने के बजाय, उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में बराबर की भागीदारी मिलनी चाहिए।
गांव से लेकर शहर और संगठन से लेकर सरकार तक महिलाओं की आवाज को मजबूती मिलना जरूरी है।प्रदेशाध्यक्ष ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों को पहचानें, आत्मनिर्भर बनें और समाज में अपनी भूमिका को और अधिक मजबूत करें। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं जागरूक और संगठित होती हैं तो वे केवल अपने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को नई दिशा देने की ताकत रखती हैं।महिला मोर्चा के माध्यम से महिलाओं को संगठन से जोड़ने और उनके मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
ऋचा पाहवा की सक्रियता से महिलाओं के बीच राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने और संगठनात्मक स्तर पर उनकी भागीदारी मजबूत करने का संदेश भी सामने आ रहा है।