अजीत झा.
चंडीगढ़ 31 Jan । क्राइम ब्रांच थाना पुलिस ने सीटीयू कैश ब्रांच, ISBT सेक्टर-17 में हुई हाई-प्रोफाइल चोरी की गुत्थी सुलझा ली है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक आरोपी सीटीयू का पूर्व कंडक्टर और वर्तमान में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत निकला। आरोपियों ने पुलिस वर्दी का इस्तेमाल कर सुरक्षा गार्ड को गुमराह करते हुए चोरी को अंजाम दिया था।यह कार्रवाई एसपी/क्राइम चंडीगढ़ के नेतृत्व में, डीएसपी क्राइम धीरज कुमार के सुपरविजन और इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह, एसएचओ थाना क्राइम सेक्टर-11 की टीम द्वारा की गई।
27 जनवरी 2026 को सीटीयू कैश/बॉक्स ब्रांच, ISBT-17 से करीब ₹13,13,710 रुपये की चोरी की सूचना मिली थी। आरोपियों ने रात करीब 3 बजे पुलिस अधिकारी बनकर शाखा में प्रवेश किया। पुलिस वर्दी और मंकी कैप पहने आरोपी ने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड को झांसे में लिया, उसे रिकॉर्ड रूम में बंद किया और कैश रूम का लॉकर खोलकर नकदी लेकर फरार हो गया।इस संबंध में थाना सेक्टर-17 में FIR नंबर 15 दिनांक 27.01.2026 धारा 305(e) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसे बाद में क्राइम ब्रांच सेक्टर-11 को ट्रांसफर कर दिया गया।जांच के दौरान 28 जनवरी को संदेह के आधार पर वेद पाल सिंह को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में अहम सुराग मिलने पर उसके भतीजे प्रशांत को भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों को 29 जनवरी 2026 को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया।क्राइम ब्रांच थाना पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की नकदी ₹13,08,900 रुपये,पुलिस वर्दी (भेष बदलने में इस्तेमाल),एक जैकेट और जूते की जोड़ी,लॉकर की दो चाबियां,वारदात में इस्तेमाल की गई कार CH-01-CG-2865
बरामद की है।
पुलिस जांच में सामने आया कि वेद पाल सिंह जुलाई 2022 से अक्टूबर 2024 तक सीटीयू कैश ब्रांच में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात था। उसे कैश हैंडलिंग सिस्टम, लॉकर की चाबियों और स्टाफ की मूवमेंट की पूरी जानकारी थी। इसी अंदरूनी जानकारी का फायदा उठाकर उसने पुलिस वर्दी का इंतजाम किया और अपने भतीजे के साथ मिलकर चोरी की साजिश रची। वारदात के समय भतीजा कार में बाहर इंतजार कर रहा था।पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस चोरी में कोई और व्यक्ति या नेटवर्क शामिल तो नहीं है।