शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महंगाई, नशा, अपराध, पेपर लीक और भ्रष्टाचार पर सरकार जवाब दे।
अम्बाला 15 अगस्त : प्रदेश प्रवक्ता इनेलो ओंकार सिंह ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के 80 वर्ष बाद भी आम आदमी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, स्वच्छ पेयजल, अच्छी सड़कें, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को मजबूर है। आजादी का वास्तविक अर्थ तभी है, जब हर नागरिक को समान अवसर, बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित भविष्य मिले। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था आज गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के पद खाली हैं, आधारभूत सुविधाओं की कमी है और दूसरी ओर युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए महंगी निजी शिक्षा पर निर्भर होना पड़ रहा है। सरकार को शिक्षा को खर्च नहीं बल्कि भविष्य में निवेश समझना चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी चिंताजनक है। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की कमी दूर करने के बजाय आम जनता को निजी अस्पतालों की महंगी व्यवस्था पर निर्भर होना पड़ रहा है। गरीब और मध्यम वर्ग के लिए गंभीर बीमारी आज आर्थिक संकट का कारण बन जाती है। ओंकार सिंह ने कहा कि प्रदेश का सबसे बड़ा संकट बेरोजगारी है। लाखों शिक्षित युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। स्थायी सरकारी भर्ती के बजाय अस्थायी और संविदा व्यवस्था को बढ़ावा देना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएं और वर्षों तक भर्ती प्रक्रिया पूरी न होना युवाओं के विश्वास को तोड़ रहा है। सरकार को पारदर्शी और समयबद्ध भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे और अपराध का बढ़ता प्रभाव समाज के लिए गंभीर खतरा है। युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि प्रभावी रोकथाम, नशा तस्करों पर कठोर कार्रवाई, पुनर्वास और रोजगार के अवसरों की जरूरत है। कानून-व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि आम नागरिक बिना भय के अपना जीवन जी सके। महंगाई और भ्रष्टाचार पर सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए। रसोई का बजट लगातार बढ़ रहा है, जबकि आम आदमी की आय उसी अनुपात में नहीं बढ़ी। सरकारी कार्यालयों में काम करवाने के लिए लोगों को परेशान होना पड़ता है और भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार सामने आती हैं। डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य जनता की सुविधा होना चाहिए, न कि नए पोर्टल और तकनीकी अड़चनों के कारण जनता को और अधिक परेशान करना। ओंकार सिंह ने कहा कि सड़क, सीवरेज, जल निकासी और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाएं किसी भी आधुनिक प्रदेश की पहचान होती हैं। बारिश के दौरान जलभराव, टूटी सड़कें और खराब जल निकासी व्यवस्था सरकार की योजनाओं और उनके क्रियान्वयन के बीच के अंतर को उजागर करती हैं। विकास के नाम पर योजनाओं की घोषणा और करोड़ों रुपये खर्च करने से अधिक जरूरी है कि उनका लाभ जमीन पर दिखाई दे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को भी विकास की प्राथमिकताओं में शामिल करना होगा। पेड़ों की कटाई, प्रदूषण, जल स्रोतों का दोहन और भूजल स्तर में गिरावट आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर खतरा है। विकास ऐसा होना चाहिए जिसमें प्रकृति और मानव जीवन दोनों सुरक्षित रहें। ओंकार सिंह ने कहा कि आजादी के 80 साल बाद हमें केवल यह नहीं देखना चाहिए कि देश और प्रदेश ने कितना निर्माण किया, बल्कि यह भी देखना चाहिए कि आम आदमी का जीवन कितना आसान हुआ। यदि युवा रोजगार के लिए परेशान है, मरीज इलाज के लिए परेशान है, विद्यार्थी शिक्षा के लिए परेशान है, किसान लागत और बाजार के लिए परेशान है और आम परिवार महंगाई से परेशान है तो सरकार को अपनी प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इनेलो का मानना है कि मजबूत शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था, स्थायी रोजगार, प्रभावी कानून-व्यवस्था, नशामुक्त समाज, भ्रष्टाचारमुक्त प्रशासन और सस्ती एवं सुलभ मूलभूत सुविधाएं ही वास्तविक विकास की पहचान हैं। सरकार को आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर इन मुद्दों पर ठोस नीति बनाकर समयबद्ध तरीके से काम करना चाहिए। तभी स्वतंत्रता का वास्तविक लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंच सकेगा।