भोपाल में नई हवाई सेवाओं के उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नायडू ने कहा कि एयर कनेक्टिविटी अब केवल आवागमन नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था और रोजगार का आधार बन रही है। ‘मॉडिफाइड उड़ान’ योजना से टियर-2 और टियर-3 शहरों को नई कनेक्टिविटी मिलेगी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर को विस्तार देने में केंद्र सरकार राज्य के साथ मिलकर काम करेगी।
भोपाल (Naren Danu) : देश के छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा रोडमैप तैयार किया है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने रविवार को कहा कि ‘उड़ान’ योजना को अगले 10 वर्षों के लिए बढ़ाया गया है और इसके लिए करीब 29 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस अवधि में देश में 100 नए एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही हेलीपोर्ट और हवाई कनेक्टिविटी का भी विस्तार होगा।
भोपाल के राजा भोज विमानतल पर चार नई हवाई सेवाओं के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के नागरिक उड्डयन क्षेत्र ने तेजी से विस्तार किया है। वर्ष 2016 में शुरू की गई ‘उड़ान’ योजना ने छोटे शहरों और आम नागरिकों के लिए हवाई यात्रा की पहुंच आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में करीब 90 नए एयरपोर्ट विकसित किए गए हैं और विमानों के बेड़े के साथ हवाई यात्रियों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
एयरपोर्ट के साथ बढ़ेंगे कारोबार और रोजगार
नायडू ने कहा कि एयरपोर्ट केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाला महत्वपूर्ण केंद्र भी है। हवाई कनेक्टिविटी बढ़ने से एयरपोर्ट के आसपास रियल एस्टेट, होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार होता है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं।
एमपी में हर 150 किमी पर एयरपोर्ट का विजन
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नागरिक उड्डयन ढांचे का तेजी से विस्तार हुआ है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में सुविधाओं के विस्तार के साथ सतना, दतिया और रीवा में नए एयरपोर्ट विकसित किए गए हैं। प्रदेश की नागरिक उड्डयन नीति को प्रभावी बताते हुए उन्होंने कहा कि इंदौर से अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी तथा रीवा-कोलकाता, रीवा-पटना, जबलपुर-कोलकाता और भोपाल-रीवा जैसे नए हवाई मार्ग शुरू हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की करीब 10 हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट में बदलने तथा कुछ शहरों में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने की संभावनाओं पर काम चल रहा है।
नायडू ने मध्य प्रदेश के भविष्य के विमानन विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि लक्ष्य हर 150 किलोमीटर पर एयरपोर्ट, हर 75 किलोमीटर पर हवाई पट्टी और हर 45 किलोमीटर पर हेलिपोर्ट विकसित करने का है। केंद्र सरकार इस दिशा में राज्य को पूरा सहयोग देगी।
छोटे शहरों को ‘मॉडिफाइड उड़ान’ से मिलेगी नई कनेक्टिविटी
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2016 से ‘उड़ान’ योजना के जरिए टियर-2, टियर-3 शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने 4 जुलाई को ‘मॉडिफाइड उड़ान’ योजना शुरू की है, जिसके जरिए अगले 10 वर्षों में छोटे शहरों की हवाई कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की मौजूदा एयरस्ट्रिप्स को चिन्हित कर उन्हें एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने तथा नई सेवाएं शुरू करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और नागरिक उड्डयन मंत्रालय राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे। जिन क्षेत्रों में एयरस्ट्रिप और टर्मिनल उपलब्ध हैं, लेकिन विमानों की सीमित उपलब्धता के कारण सेवाएं शुरू नहीं हो सकी हैं, उन्हें भी योजना के तहत जोड़ा जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल सहित प्रदेश सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और विमानन क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।