औरंगाबाद। औरंगाबाद में गुरुवार सुबह आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के जाने-माने राइस मिल कारोबारी विश्वजीत जायसवाल से जुड़े तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति, टैक्स चोरी और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच को लेकर की जा रही है।
आयकर विभाग की टीमें सुबह महाराजगंज रोड स्थित वी-मार्ट के पीछे बने कार्यालय पहुंचीं, जहां दस्तावेजों की गहन जांच और पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही वियाडा परिसर स्थित रितेश चंद्रवंशी के राइस मिल तथा देव प्रखंड में स्थित आवास पर भी अलग-अलग टीमें तलाशी अभियान चला रही हैं।
तीनों स्थानों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। किसी भी व्यक्ति को अंदर या बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। बताया जा रहा है कि रितेश चंद्रवंशी के राइस मिल में भी कारोबारी विश्वजीत जायसवाल की बड़ी हिस्सेदारी और निवेश जुड़ा हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति, टैक्स चोरी और कारोबार से जुड़े बड़े वित्तीय लेन-देन की पड़ताल के तहत की जा रही है। हालांकि आयकर विभाग के अधिकारी फिलहाल आधिकारिक जानकारी देने से बच रहे हैं और जांच पूरी होने के बाद ही बयान जारी करने की बात कह रहे हैं।
विश्वजीत जायसवाल वर्तमान में वाराणसी में रहते हैं और बिहार व उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में उनका राइस मिल और रेलवे रेक लोडिंग से जुड़ा बड़ा नेटवर्क है। पहले वे औरंगाबाद के बड़े व्यवसायी शंभू पांडेय के साथ पार्टनर थे, बाद में दोनों अलग हो गए। लंबे समय से उनके कारोबार पर विभाग की नजर बनी हुई थी।
फिलहाल बड़ी मात्रा में दस्तावेजों, खातों और लेन-देन की जांच जारी है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद आयकर विभाग की ओर से बड़ा खुलासा किया जा सकता है।