चंडीगढ़ ट्रेडर्स एसोसिएशन ने जीएसटी प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए समिति को ज्ञापन सौंपा। इसमें रिफंड प्रक्रिया को स्वचालित करने, निर्यात दस्तावेजों की संख्या घटाने, तिमाही रिटर्न की सुविधा देने और समिति की बैठकों की कार्रवाई रिपोर्ट सार्वजनिक करने सहित कई सुधारात्मक सुझाव शामिल किए गए।
चंडीगढ़ : चंडीगढ़ ट्रेडर्स एसोसिएशन सेक्टर-17 ने जीएसटी प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से जीएसटी शिकायत निवारण समिति (जीएसटी सेंट्रल), चंडीगढ़ के समक्ष एक ज्ञापन सौंपकर कई महत्वपूर्ण सुधारों की मांग उठाई।
एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलजीत सिंह पंछी और विधिक सलाहकार रजत मल्होत्रा ने समिति के समक्ष प्रस्तुत ज्ञापन में जीएसटी रिटर्न में वर्ष में एक बार संशोधन की सुविधा, एकीकृत जीएसटी रिटर्न प्रणाली, विलंब शुल्क एवं ब्याज के युक्तिसंगत निर्धारण, जीएसटी रिफंड के त्वरित एवं स्वचालित निपटारे, विलंबित रिफंड पर स्वतः ब्याज भुगतान तथा निर्यात रिफंड के लिए आवश्यक दस्तावेजों की संख्या कम करने की मांग की। साथ ही जीएसटी से जुड़े डिजिटल पोर्टलों के बेहतर एकीकरण का भी सुझाव दिया।
एसोसिएशन ने मांग की कि ₹5 करोड़ तक के वार्षिक कारोबार वाले करदाताओं को तिमाही जीएसटी रिटर्न दाखिल करने और तिमाही आधार पर कर भुगतान की अनुमति दी जाए, ताकि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) पर अनुपालन का बोझ कम हो और उनकी कार्यशील पूंजी को मजबूती मिल सके।
ज्ञापन में यह भी आग्रह किया गया कि जीएसटी शिकायत निवारण समिति की प्रत्येक बैठक से पहले पिछली बैठक की कार्यवाही और एक्शन टेकन रिपोर्ट सभी सदस्यों को उपलब्ध कराई जाए, जिससे व्यापार एवं उद्योग से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित हो सके।
इस अवसर पर कमलजीत सिंह पंछी और रजत मल्होत्रा ने विश्वास जताया कि इन सुधारों को लागू किए जाने से जीएसटी व्यवस्था अधिक प्रभावी, करदाता-अनुकूल और पारदर्शी बनेगी तथा देश में ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को और मजबूती मिलेगी।