भूस्खलन प्रभावित राष्ट्रीय राजमार्ग की मरम्मत पूरी होने के बाद श्री अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू हो गई। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भगवती नगर आधार शिविर में पंजीकरण और टोकन वितरण की ऑफलाइन व्यवस्था भी स्थानांतरित कर दी गई है, जबकि सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
जम्मू (Naren Danu) : भारी बारिश और भूस्खलन के कारण अस्थायी रूप से रोकी गई श्री अमरनाथ यात्रा मौसम में सुधार और राष्ट्रीय राजमार्ग खुलने के बाद रविवार को फिर से बहाल कर दी गई। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद 250 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) पर यातायात सामान्य होने से श्रद्धालुओं का नया जत्था जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुआ।
177 वाहनों में रवाना हुए 3,886 श्रद्धालु
अधिकारियों के अनुसार, सुबह 2:52 बजे कुल 3,886 तीर्थयात्री 177 वाहनों के काफिले के साथ बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुए। जत्थे में 3,098 पुरुष, 673 महिलाएं, पांच बच्चे, 87 साधु, 22 साध्वियां और एक बाल साधु शामिल हैं। यात्रियों के लिए 78 बसें, 42 मीडियम मोटर वाहन, 53 हल्के मोटर वाहन और चार दोपहिया वाहन लगाए गए।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पूरे काफिले को सुरक्षा बलों की निगरानी और एस्कॉर्ट वाहनों के साथ रवाना किया गया। प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत किया है ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से जारी रह सके।
भगवती नगर में मिलेगी ऑफलाइन सुविधा
श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड ने ऑफलाइन पंजीकरण और टोकन वितरण की व्यवस्था अब भगवती नगर बेस कैंप में स्थानांतरित कर दी है, जिससे यात्रियों को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने में आसानी होगी।
भूस्खलन के कारण रुकी थी यात्रा
उधमपुर और बनिहाल के बीच भूस्खलन के चलते एनएच-44 को मरम्मत के लिए बंद करना पड़ा था, जिसके कारण शनिवार को यात्रा स्थगित कर दी गई थी। सड़क की मरम्मत पूरी होने के बाद शनिवार शाम हाईवे को फिर से खोल दिया गया। इससे पहले खराब मौसम के कारण बालटाल मार्ग से भी शुक्रवार को एक दिन के लिए यात्रा रोकी गई थी, जिसे शनिवार से दोबारा शुरू कर दिया गया।