फ्लैट मालिक संजय ग्रोवर ने आरोप लगाया कि पूर्व किरायेदार दंपती 10-12 लोगों के साथ सोसायटी में घुसे और उन पर तथा उनकी पत्नी पर हमला कर दिया। मामला कथित कब्जे की कोशिश और लंबे समय से चल रहे किरायेदारी विवाद से जुड़ा है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू करने की बात कही।
जीरकपुर: नगला रोड स्थित मायागार्डन सिटी सोसायटी में फ्लैट को लेकर चल रहा विवाद शुक्रवार को हिंसक हो गया। डी-7 ब्लॉक के फ्लैट नंबर-502 में रहने वाले संजय ग्रोवर ने आरोप लगाया कि उनके पूर्व किरायेदार एक दंपती ने करीब 10 से 12 साथियों के साथ उनके फ्लैट में घुसकर उन पर और उनकी पत्नी पर तलवारों से हमला कर दिया। हमले में दोनों घायल हो गए। पीड़ित ने आरोपियों पर उनके दूसरे फ्लैट पर कब्जा करने की कोशिश का भी आरोप लगाया है।
संजय ग्रोवर ने बताया कि वह करीब 10 वर्षों से सोसायटी में रह रहे हैं। उन्होंने डी-6 ब्लॉक का फ्लैट नंबर-601 राहुल और अमनदीप कौर को किराये पर दिया था, जो खुद को पति-पत्नी बताते थे। आरोप है कि दोनों ने करीब डेढ़ वर्ष तक किराया नहीं दिया। फ्लैट खाली करते समय एसी, गीजर, आरओ और इनवर्टर सहित अन्य सामान भी अपने साथ ले गए।
पीड़ित के अनुसार, किराया समझौता समाप्त होने के बाद उन्होंने दोनों का माई गेट एप एक्सेस बंद करवा दिया था। इसकी सूचना आरडब्ल्यूए और सुरक्षा कर्मियों को भी दी गई थी। इसके बावजूद शुक्रवार को आरोपी बिना वाहन स्टिकर के सोसायटी में प्रवेश कर गए।
सुरक्षा गार्ड को तलवार दिखाकर धमकाने का आरोप
संजय ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड को तलवार दिखाकर डराया। इसके बाद वे उनके फ्लैट में पहुंचे और दंपती पर हमला कर दिया। पीड़ित ने बताया कि इससे पहले भी आरोपियों ने फ्लैट पर लगाया गया ताला तोड़कर अंदर घुसने और कब्जा करने की कोशिश की थी।
उनका कहना है कि इस विवाद को लेकर वह 24 दिसंबर 2025 से अब तक पुलिस को करीब 10 लिखित शिकायतें दे चुके हैं। इसके बावजूद विवाद का स्थायी समाधान नहीं हुआ। संजय का आरोप है कि करीब 10 दिन पहले फ्लैट बेचने का निर्णय लेने के बाद आरोपी दोबारा सक्रिय हो गए।
पीड़ित ने दावा किया कि पिछले बुधवार को भी सड़क पर उनके साथ मारपीट की गई थी। इस घटना का मेडिकल रिकॉर्ड उनके पास मौजूद है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को आरोपियों के फ्लैट में मौजूद होने की सूचना देने के बावजूद समय रहते कार्रवाई नहीं की गई।
मीटर उतरने के बाद भी बिजली देने पर उठाए सवाल
संजय ग्रोवर ने आरोप लगाया कि फ्लैट का बिजली मीटर उतरवाने और कनेक्शन सील होने के बावजूद आरडब्ल्यूए की ओर से आरोपियों को दोबारा बिजली उपलब्ध करवा दी गई। इस संबंध में उन्होंने बिजली विभाग के एसडीओ को भी शिकायत दी थी।
उन्होंने दावा किया कि आरोपियों के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पीड़ित ने आरोपियों को गिरफ्तार करने और फ्लैट पर कथित कब्जे की कोशिश रोकने की मांग की है।
प्रधान के विदेश से लौटने पर मिलेगी फुटेज : आरडब्ल्यूए सदस्य
आरडब्ल्यूए के एक सदस्य ने बताया कि सोसायटी के प्रधान इस समय विदेश में हैं और सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस उनके पास है। उनके वापस लौटने के बाद ही घटना से संबंधित फुटेज उपलब्ध हो सकेगी।
बयान मिलने के बाद होगी कार्रवाई : एसएचओ
जीरकपुर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सतिंदर सिंह ने कहा, “जैसे ही पीड़ित अपने बयान दर्ज करवाते हैं, मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”