कैबिनेट ने दी मंजूरी; बीएस-IV और उससे पुराने व्यावसायिक वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक व बीएस-VI वाहनों को मिलेगा बढ़ावा, 2 लाख से अधिक वाहन मालिकों को होगा लाभ
नई दिल्ली (Naren Danu) : दिल्ली सरकार ने राजधानी में वायु प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ‘परिवर्तन’ योजना को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उनकी जगह आधुनिक, कम उत्सर्जन वाले और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि हाल ही में हुई दिल्ली कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। उन्होंने कहा कि योजना के लागू होने से दिल्ली-एनसीआर में चल रहे पुराने ट्रकों और बसों का आधुनिकीकरण होगा, जिससे प्रदूषण नियंत्रण के साथ परिवहन व्यवस्था भी अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनेगी।
योजना के तहत यदि कोई वाहन मालिक बीएस-IV या उससे नीचे के हल्के मालवाहक वाहन (एलजीवी) को स्क्रैप कर नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदता है, तो उसे 10 वर्षों तक 100 प्रतिशत मोटर वाहन कर में छूट, पंजीकरण शुल्क की पूरी माफी, 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, वाहन निर्माता की ओर से 8 प्रतिशत तक की छूट और ईंधन वाउचर अथवा उसके बराबर एकमुश्त वित्तीय लाभ प्रदान किया जाएगा। वहीं, पुराना इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को भी कर छूट, ब्याज सब्सिडी और अन्य वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाएंगे।
इसी प्रकार मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों (एमजीवी और एचजीवी) के मालिक भी पुराने वाहनों को बदलकर बीएस-VI अथवा इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर समान लाभ प्राप्त कर सकेंगे। योजना में पुरानी बसों को भी शामिल किया गया है, जिन्हें केवल बीएस-VI सीएनजी या इलेक्ट्रिक बसों से ही प्रतिस्थापित किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पात्र वाहनों पर बकाया रोड टैक्स और फिटनेस पेनल्टी में भी राहत देने का प्रावधान किया गया है। साथ ही, जिन बीएस-IV वाहनों को इस योजना के तहत बदला जाना है, उन्हें अनिवार्य रूप से स्क्रैप कराने की बाध्यता नहीं होगी। ऐसे वाहन एनसीआर के बाहर स्थित नॉन-एनसीएपी शहरों में भी बेचे जा सकेंगे।
रेखा गुप्ता ने कहा कि इस पहल से दिल्ली-एनसीआर के करीब 2.07 लाख ट्रक और बस मालिकों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना के तहत दिल्ली में खरीदे जाने वाले सभी नए हल्के मालवाहक वाहन केवल इलेक्ट्रिक होंगे, जबकि बसों के लिए केवल बीएस-VI सीएनजी या इलेक्ट्रिक मॉडल ही मान्य होंगे। उनके अनुसार यह निर्णय राजधानी में स्वच्छ हवा, हरित परिवहन और टिकाऊ शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।