सभी दलों के सांसदों से सकारात्मक भागीदारी की अपील; कहा— तर्क, तथ्य और शांतिपूर्ण चर्चा से लोकतंत्र होता है मजबूत, देश की हालिया उपलब्धियों का भी किया उल्लेख
नई दिल्ली (Naren Dnau) : संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों और सांसदों से रचनात्मक सहयोग की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति सार्थक संवाद और तथ्यपरक बहस में निहित है। उन्होंने कहा कि संसद केवल कानून बनाने का मंच नहीं, बल्कि राष्ट्रहित से जुड़े विचारों और समाधान का सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है, जहां हर आवाज और हर दृष्टिकोण को सम्मान मिलना चाहिए।
संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने मानसून सत्र की तुलना वर्षा ऋतु से करते हुए कहा कि जैसे समय पर होने वाली बारिश देश की समृद्धि और जीवन के लिए आवश्यक होती है, वैसे ही संसद का सुचारु और उत्पादक संचालन लोकतंत्र को नई ऊर्जा देता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सत्र में व्यापक चर्चा, सकारात्मक बहस और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक निर्णय सामने आएंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मजबूत तर्क और ठोस तथ्यों के आधार पर अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से भी प्रभावी तरीके से रखी जा सकती है। उन्होंने सांसदों से आग्रह किया कि वे सदन की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि संसद की गरिमा और लोकतांत्रिक परंपराएं और मजबूत हों।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पिछले एक महीने के दौरान देश की विभिन्न उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने राजस्थान में तेल रिफाइनरी परियोजना, तीसरे सेमीकंडक्टर संयंत्र की शुरुआत, देश की पहली ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन और निजी क्षेत्र की अंतरिक्ष उपलब्धियों को भारत की नई विकास यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से भारतीय स्टार्टअप स्काईरूट का उल्लेख करते हुए कहा कि उसके युवा वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने निजी रॉकेट प्रक्षेपण के माध्यम से दुनिया में भारत की तकनीकी क्षमता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि इस टीम की औसत आयु लगभग 28 वर्ष है, जो देश के युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और असीम संभावनाओं का प्रतीक है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सुधारों की गति, तकनीकी नवाचार और युवाओं की ऊर्जा के बल पर भारत वैश्विक स्तर पर अपनी नई पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद का यह मानसून सत्र भी उसी विकास यात्रा को नई दिशा और नई गति देने का माध्यम बने, यही देशवासियों की अपेक्षा है।