लुधियाना/यूटर्न/18 जुलाई। पक्खोवाल रोड स्थित सेंट्रा ग्रीन्स रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के चुनावों में 11 सदस्य बिना विरोध के जीतने और पदों की गिनती घटाने का विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा था। शनिवार को इस विवाद पर विराम लग गया है। दरअसल, रेजिडेंट शिवनेत्र वर्मा द्वारा गलत तरीके से 11 सदस्यों को चयनित करने के आरोप लगाए थे। लेकिन उन्हें कोर्ट से राहत नहीं मिल सकी। जिसके चलते अब रविवार 19 जुलाई को सिर्फ मेंटेनेंस सेक्रेटरी के पद के ही चुनाव होंगे। पॉश सोसायटी होने के चलते यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ था। हालांकि मेंटेनेंस सेक्रेटरी के पद पर शिवनेत्र वर्मा और संजीव गुप्ता आमने-सामने हैं। देखना होगा कि दोनों में से किस व्यक्ति द्वारा बाजी मारी जाती है।
जबरन प्रस्ताव पास करने के लगाए थे आरोप
दरअसल शिवनेत्र वर्मा द्वारा कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। जिसमें आरोप लगाए थे कि 3 मई को जनरल बॉडी मीटिंग में कमेटी के 21 पदों को घटाकर 12 करने का प्रस्ताव रखा गया। जिसमें 500 सक्रिय मतदाताओं में से केवल 63 लोगों की सहमति से पारित कर दिया गया, जबकि 13 सदस्यों ने इसका विरोध किया था। यह प्रक्रिया सोसायटी के 2/3 बहुमत वाले नियम का सीधा उल्लंघन है। इसके बाद सोसायटी द्वारा 11 सदस्यों को उनके पदों के साथ निर्विरोध निर्वाचित बताया गया, जबकि चुनाव 19 जुलाई को होना निर्धारित है। उन्होंने आरोप लगाया कि नियम मुताबिक चुनाव बैलेट पेपर से होने थे। लेकिन चुनाव प्रभारी सरबजीत सिंह ने कथित तौर पर ऑनलाइन वोटिंग की घोषणा कर दी। उन्होंने 12 उम्मीदवारों की सूची को अवैध घोषित करने और सभी पदों पर दोबारा चुनाव कराने, नए चुनाव आयुक्त की नियुक्ति और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने मौजूदा प्रधान सुरिंदर कुमार प्रभाकर, चुनाव प्रभारी सरबजीत सिंह ढिल्लों समेत 13 लोगों को प्रतिवादी बनाया था।
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