जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश की सुख-समृद्धि की कामना की; आषाढ़ी बीज पर निकली ऐतिहासिक रथयात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की आस्था
अहमदाबाद (Naren Danu) : गुजरात की ऐतिहासिक 149वीं भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के शुभारंभ से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर परिवार सहित मंगल आरती में भाग लिया। उन्होंने भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के दर्शन कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा जनकल्याण की कामना की।
इस अवसर पर गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी, जगन्नाथ मंदिर के महंत दिलीपदासजी, संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे। आरती के बाद धार्मिक परंपराओं के अनुसार भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य रथयात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।
अहमदाबाद की जगन्नाथ रथयात्रा देश की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में गिनी जाती है और इसे गुजरात की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। हर वर्ष आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के दिन भगवान जगन्नाथ अपने भाई-बहन के साथ रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण करते हैं, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु देशभर से पहुंचते हैं।
क्या है आषाढ़ी बीज का महत्व?
आषाढ़ी बीज गुजरात के कच्छ क्षेत्र का पारंपरिक नववर्ष माना जाता है। यह पर्व मानसून के आगमन, नई फसल की शुरुआत और समृद्धि की कामना का प्रतीक है। कच्छी समुदाय इस दिन नए वर्ष का स्वागत करता है। किसान मौसम और हवाओं की दिशा के आधार पर वर्षा का अनुमान लगाते हैं, जबकि घरों में पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं और लोग एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हैं।