सड़क पर पड़े गड्ढों से रोजाना वाहन क्षतिग्रस्त, प्रशासन बना मूक दर्शक
डेराबस्सी नेशनल हाईवे पर बदहाली के प्रमुख कारण
मिट्टी से भरे टिप्परों की रोजाना आवाजाही
मेजर अली
डेराबस्सी 25 Jan : चंडीगढ़–अंबाला नेशनल हाईवे पर डेराबस्सी क्षेत्र में सड़क की बदहाल स्थिति अब आम लोगों के लिए भारी परेशानी का कारण बन चुकी है। चंडीगढ़ से अंबाला की ओर जाते समय डेराबस्सी फ्लाईओवर उतरते ही नेशनल हाईवे पर जगह-जगह पड़े बड़े-बड़े गड्ढे वाहन चालकों के लिए खतरा बने हुए हैं। सड़क पर गड्ढों में मिट्टी, पानी और बजरी भर जाने से बाइक सवारों और कार चालकों को रोजाना नुकसान उठाना पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद न तो प्रशासन और न ही नेशनल हाईवे अथॉरिटी इस ओर कोई ध्यान दे रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, हाईवे पर बने गड्ढों की हालत दिन-ब-दिन और खराब होती जा रही है। भारी वाहनों, खासकर मिट्टी से भरे टिप्परों की आवाजाही के कारण सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है। तेज रफ्तार में गुजरने वाले वाहन अचानक गड्ढों में फंस जाते हैं, जिससे टायर फटने, सस्पेंशन खराब होने और कई बार बाइक सवारों के गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
हैरानी की बात यह है कि यह समस्या केवल बाहरी इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि डेराबस्सी थाने के बाहर भी चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर बड़े-बड़े गड्ढे पड़े हुए हैं। इसके बावजूद रोजाना गुजरने वाले प्रशासनिक अधिकारी और नेशनल हाईवे से जुड़े कर्मचारी इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। लोगों का आरोप है कि नेशनल हाईवे से जुड़े अधिकारी रोजाना निरीक्षण के नाम पर पेट्रोलिंग तो करते हैं, लेकिन सड़क की मरम्मत को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। नतीजतन, आम जनता को ही नुकसान झेलना पड़ रहा है।
लोग बोले – कोई नहीं सुनता हमारी बात
स्थानीय दुकानदार और वाहन चालक खासे नाराज नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि गड्ढों के कारण न केवल वाहन खराब हो रहे हैं, बल्कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। खासकर रात के समय सड़क पर रोशनी कम होने के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।
बॉक्स
डेराबस्सी नेशनल हाईवे पर बदहाली के प्रमुख कारण
मिट्टी से भरे टिप्परों की रोजाना आवाजाही
समय पर सड़क की मरम्मत न होना
बरसात के बाद गड्ढों में पानी भर जाना
प्रशासन और नेशनल हाईवे अथॉरिटी की अनदेखी
कोटस
राजेश कुमार, बाइक सवार:
“हर दिन इसी सड़क से गुजरता हूं। गड्ढों के कारण मेरी बाइक का टायर दो बार खराब हो चुका है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।”
सुरेश शर्मा, स्थानीय दुकानदार:
“थाने के बाहर तक सड़क टूटी हुई है। अधिकारी रोज निकलते हैं, लेकिन किसी को फर्क नहीं पड़ता।”
अमनदीप सिंह, कार चालक:
“मिट्टी से भरे टिप्पर सड़क को और खराब कर रहे हैं। अगर जल्द मरम्मत नहीं हुई तो बड़ा हादसा तय है।”
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रशासन और नेशनल हाईवे अथॉरिटी तुरंत सड़क की मरम्मत करवाए और भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और संभावित हादसों से बचा जा सके।