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श्रीनगर, 25 जनवरी राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर मानवाधिकार रक्षक और ऑल टेरर विक्टिम्स इन कश्मीर (एटीवीके) की चेयरपर्सन तसलीमा अख्तर ने नागरिकों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वोट की शक्ति समान होती है और इसे किसी भी तरह के अनुचित प्रभाव से बचाया जाना चाहिए। उनका संदेश सतर्कता, नागरिक जिम्मेदारी और देश को प्रगति व स्थिरता की ओर ले जाने के लिए मताधिकार के सजग उपयोग पर केंद्रित रहा। इस अवसर पर जारी अपने बयान में तसलीमा अख्तर ने संविधान द्वारा प्रदत्त समान मताधिकार को रेखांकित करते हुए चुनावों की निष्पक्षता बनाए रखने को नैतिक कर्तव्य बताया। उन्होंने कहा, “हमारे संविधान ने हर मतदाता को समान शक्ति दी है और सही वोट देश को सही दिशा दिखा सकता है। हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि हम अपनी मतदान प्रणाली की रक्षा करें और किसी भी बाहरी कारक को इसे दूषित न करने दें।” उनके वक्तव्य संघर्ष और आघात से उबर रहे क्षेत्रों में लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता को दर्शाते हैं। तसलीमा अख्तर ने जोर दिया कि मतदान प्रक्रिया की रक्षा केवल कानून और नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक नागरिक दायित्व है, जिसमें परिवारों, सामुदायिक नेताओं और नागरिक संगठनों की सक्रिय भूमिका आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से एक-दूसरे को मतदाता अधिकारों के प्रति जागरूक करने, शांतिपूर्ण और सूचित मतदान में भाग लेने तथा किसी भी प्रकार के दबाव या हेरफेर को नकारने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “आइए इस दिन हम यह संकल्प लें कि अपने वोट की शक्ति को एक विकसित और सशक्त भारत के निर्माण के लिए सही दिशा में उपयोग करें,” और मतदाता सहभागिता को सामाजिक व आर्थिक विकास का मार्ग बताया।