Uturn Time
Breaking
Amritsar: ऑपरेशन ब्लू स्टार की याद में Akal Takht में धार्मिक कार्यक्रम शुरू, संगत में भावुक माहौल Chandigarh: बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी हवारा ने मांगी राहत, मां की देखभाल के लिए पैरोल की मांग Hisar: मेजर अमित कुमार ने किया हिसार का नाम रोशन, उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिला सम्मान Hisar: रिश्वतखोरी पर एसीबी का शिकंजा, हिसार में दो पटवारी सहित तीन गिरफ्तार Chandigarh: हरियाणा एसीबी की नई पहल, मोबाइल एप के जरिए भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश New Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड के बाद प्रशासन सक्रिय, पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने का निर्णय, मृतकों के परिवारों को 10 लाख New Delhi: ईडी की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप, सलीम डोला सिंडिकेट के 21 ठिकानों पर छापेमारी Ludhiana: बिट्टू गुंबर गौसेवा के लिए पूरी तरह समर्पित हैं: दर्शन लाल बवेजा Ludhiana: राजा वडिंग के नेतृत्व में 2027 चुनावों के लिए कांग्रेस पूरी तरह सक्रिय: विपन अरोड़ा Sonipat: उपायुक्त नेहा से मिले पीएम केयर्स योजना के बच्चे, उज्जवल भविष्य को लेकर हुई बातचीत Rewari: हरियाणा में पेयजल व्यवस्था को लेकर सरकार सख्त, रणबीर गंगवा बोले- अधिकारियों की लापरवाही नहीं चलेगी New Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सख्त, अधिकारियों के साथ शुक्रवार को होगी समीक्षा बैठक
Logo
Uturn Time
श्रीनगर, 24 जनवरी: राष्ट्रीय बालिका दिवस 2026 के अवसर पर अधिवक्ता साइका राशिद ने देशभर में बालिकाओं के सशक्तिकरण और संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि समानता और सतत प्रगति पर आधारित समाज के निर्माण के लिए यह प्रतिबद्धता अत्यंत आवश्यक है। अधिवक्ता साइका राशिद ने कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा और समग्र कल्याण को पहचानने और उन्हें प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने बताया कि ऐसा वातावरण तैयार करना, जहां बालिकाएं सुरक्षित और आत्मनिर्भर होकर आगे बढ़ सकें, इसके लिए परिवारों, समुदायों, संस्थानों और नीति-निर्माताओं का संयुक्त प्रयास अनिवार्य है। अधिवक्ता साइका राशिद ने कहा, “बालिकाओं का सशक्तिकरण केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विकास और सौहार्द की मजबूत नींव है। जब बालिकाओं को सुरक्षा और समान अवसर मिलते हैं, तो शिक्षा, आर्थिक भागीदारी और नेतृत्व के माध्यम से पूरा देश लाभान्वित होता है।” उन्होंने यह भी कहा कि आज भी कई बालिकाएं भेदभाव, शिक्षा तक सीमित पहुंच और हिंसा के खतरे जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही हैं। अधिवक्ता साइका राशिद ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के लिए नीतियों और जमीनी स्तर की पहलों को और अधिक मजबूत किया जाए।