बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश की सभी टेक्सटाइल मिलें 1 फरवरी से अनिश्चितकाल के लिए बंद हो सकती हैं। मिल मालिकों का कहना है कि वे अब बैंक लोन चुकाने की स्थिति में नहीं हैं, यहां तक कि संपत्तियां बेचने के बाद भी हालात नहीं संभल रहे।
मिल मालिकों ने इस संकट के लिए कम कीमत वाले यार्न की डंपिंग, लगातार बिजली संकट, और तेजी से बढ़ते कर्ज को जिम्मेदार ठहराया है। इन वजहों से पूरा टेक्सटाइल सेक्टर भारी दबाव में आ गया है।
अगर यह बंदी लागू होती है, तो 1 करोड़ से ज्यादा मजदूरों के बेरोजगार होने का खतरा है, जिससे बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक स्थिरता पर गंभीर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकट केवल बांग्लादेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर दक्षिण एशिया के कपड़ा व्यापार और वैश्विक सप्लाई चेन पर भी पड़ सकता है।