मोहाली 24 Jan।
ऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग में गुणवत्ता को लेकर एक अहम फैसले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने सेक्टर-70 स्थित प्रसिद्ध बेकरी ‘निक बेकर्स’ को दोषी ठहराया है। आयोग ने सेवाओं में कमी और उपभोक्ता को मानसिक प्रताड़ना पहुंचाने के मामले में बेकरी पर कुल एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने के आदेश दिए हैं।
मामला सेक्टर-78 निवासी सरप्रीत कौर की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, उन्होंने 8 सितंबर 2025 को जोमैटो ऐप के माध्यम से आटा ब्रेड और आटा सूजी रस्क ऑर्डर किया था। जब उत्पाद मिला तो रस्क के सीलबंद पैकेट के अंदर मक्खियां और कीड़े पाए गए, जिससे खाद्य पदार्थ पूरी तरह से अनुपयोगी साबित हुआ।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इस गंभीर लापरवाही की जानकारी ई-मेल के जरिए दिए जाने के बावजूद निक बेकर्स ने जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया और सारा दोष डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर डाल दिया। आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता और सुरक्षा की जिम्मेदारी सीधे तौर पर निर्माता और विक्रेता की होती है।
आयोग ने यह भी गंभीरता से नोट किया कि नोटिस जारी होने के बावजूद निक बेकर्स ने निर्धारित 45 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल नहीं किया, जिसे उपभोक्ता अधिकारों के प्रति उदासीन रवैया माना गया।
फैसले में आयोग ने शिकायतकर्ता को मानसिक पीड़ा के लिए मुआवजा देने के साथ-साथ पीजीआई के ‘पुअर पेशेंट रिलीफ फंड’ में निर्धारित राशि जमा कराने के निर्देश दिए हैं। आदेश का पालन 30 दिनों के भीतर न करने की स्थिति में जुर्माने की राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी वसूला जाएगा।