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भारत से लौटने का किया ऐलान; कहा– गिरफ्तारी या मौत का खतरा मंजूर, लेकिन अंतिम सांस अपनी मिट्टी पर लेना चाहती हूं
नई दिल्ली (Naren Danu) : बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वह दिसंबर 2026 में भारत से बांग्लादेश लौटेंगी और वहां की अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करेंगी। मौत की सजा सुनाए जाने के बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी गिरफ्तारी या हत्या का खतरा है, लेकिन वह अपने देश लौटकर न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना चाहती हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए करीब एक घंटे के टेलीफोनिक साक्षात्कार में 78 वर्षीय हसीना ने कहा कि उनके साथ अवामी लीग के कई वरिष्ठ नेता भी बांग्लादेश लौटेंगे। उन्होंने कहा, "वे मुझे गिरफ्तार कर सकते हैं, मुझे मार भी सकते हैं, लेकिन मुझे अपने देश वापस जाना ही होगा।" शेख हसीना अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए राजनीतिक घटनाक्रम और हिंसक छात्र आंदोलन के बाद देश छोड़कर भारत आ गई थीं। इसके बाद नवंबर 2025 में बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) ने 2024 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित दमन और मौतों के मामले में उनकी गैरमौजूदगी में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। हसीना लगातार इन आरोपों को खारिज करती रही हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यदि उनकी मृत्यु होती है तो वह अपने देश की मिट्टी पर हो, जहां उनके माता-पिता दफन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लगातार दमन हो रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें जेल जाने का भय नहीं है क्योंकि वह पहले भी जेल का सामना कर चुकी हैं। उनका कहना था कि यदि उनकी सरकार से कोई गलती हुई है तो उसका फैसला अदालत या राजनीतिक विरोधी नहीं, बल्कि बांग्लादेश की जनता को करना चाहिए। उनके इस बयान के बाद बांग्लादेश की राजनीति में नई हलचल तेज होने की संभावना जताई जा रही है।