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आपूर्ति शृंखला, एआई, साइबर सुरक्षा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और रक्षा अनुसंधान पर मिलकर करेंगे काम
नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : भारत और ऑस्ट्रेलिया ने साइबर सुरक्षा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और आपूर्ति शृंखला सहयोग को मजबूत बनाने के लिए ऑस्ट्रेलिया-इंडिया पार्टनरशिप ऑन साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजीज एंड सप्लाई चेन्स (PACTS) की शुरुआत की है। यह नई व्यवस्था वर्ष 2020 के साइबर सहयोग ढांचे का स्थान लेगी और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम देगी। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के बीच मेलबर्न में हुई वार्ता के बाद इस पहल की घोषणा की गई। दोनों देशों ने माना कि साइबर सुरक्षा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियां और मजबूत आपूर्ति शृंखलाएं आर्थिक विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। नई साझेदारी के तहत पांच प्रमुख क्षेत्रों पर सहयोग बढ़ाया जाएगा। इनमें आपूर्ति शृंखला को अधिक सुरक्षित और लचीला बनाना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), अंतरिक्ष, दूरसंचार और जैव प्रौद्योगिकी जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों में सहयोग, साइबर अपराध से मुकाबला, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) का विस्तार तथा रक्षा अनुसंधान और नवाचार शामिल हैं। दोनों देश सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति शृंखला विकसित करने, भरोसेमंद विक्रेता प्रणाली तैयार करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री केबल नेटवर्क की सुरक्षा बढ़ाने पर भी मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा साइबर कौशल विकास, डिजिटल नवाचार और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अवसंरचना की सुरक्षा के लिए संयुक्त तंत्र और विशेष इनक्यूबेटर हब स्थापित किए जाएंगे। रक्षा क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया के डिफेंस साइंस एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप और भारत के डीआरडीओ के बीच सहयोग को मजबूत किया जाएगा। साथ ही रक्षा स्टार्टअप और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को भी आपस में जोड़ा जाएगा। दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी हर वर्ष बैठक कर इस साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करेंगे। भारत और ऑस्ट्रेलिया का मानना है कि PACTS पहल हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साइबर सुरक्षा, तकनीकी सहयोग, आपूर्ति शृंखला की मजबूती और आर्थिक स्थिरता को नई दिशा देगी।