संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर विवाद नहीं थमा, 2027 चुनाव की रणनीति पर मंथन
चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर शुरू हुआ विवाद अभी खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। पार्टी हाईकमान की ओर से मतभेद दूर करने की जिम्मेदारी संभाल रहे पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल मंगलवार को लगातार दूसरे दिन नेताओं के साथ बैठक करेंगे।
हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और वरिष्ठ नेता परगट सिंह के दिल्ली में होने के कारण वे मंगलवार की बैठकों में शामिल नहीं होंगे। बघेल सबसे पहले पंजाब कांग्रेस भवन में जिला कांग्रेस अध्यक्षों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद हाल ही में गठित चुनाव समिति, कोर कमेटी और अन्य समितियों के अध्यक्षों के साथ अलग-अलग चर्चा कर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर मंथन करेंगे।
इससे पहले सोमवार को बघेल ने चुनाव समिति अध्यक्ष डॉ. अमर सिंह, विजय इंदर सिंगला, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के साथ अलग-अलग मुलाकात कर संगठन की स्थिति और नेताओं के बीच चल रहे मतभेदों को लेकर फीडबैक लिया था।
चन्नी गुट की नाराजगी हुई उजागर
चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं का बैठक में शामिल न होना पार्टी के अंदर चल रहे असंतोष को और स्पष्ट करता है। सूत्रों के अनुसार चन्नी गुट संगठनात्मक नियुक्तियों और प्रदेश नेतृत्व को लेकर अपनी आपत्तियां केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखने की तैयारी में है।
इसी बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के विदेश दौरे से लौटने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक चन्नी ने उनसे मुलाकात का समय मांगा है। माना जा रहा है कि वह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व और हालिया नियुक्तियों को लेकर अपनी बात रख सकते हैं।
वहीं, प्रताप सिंह बाजवा दोनों गुटों के बीच संवाद कायम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। पार्टी में जारी खींचतान का असर 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
बघेल बोले- चन्नी से हुई फोन पर बात
भूपेश बघेल ने कहा कि उनकी चरणजीत सिंह चन्नी से फोन पर बातचीत हुई है। चन्नी फिलहाल शहर से बाहर हैं और लौटने के बाद उनसे अलग बैठक की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी नेताओं से व्यक्तिगत बातचीत कर मतभेद दूर करने और पार्टी को एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है।