एनएचआरसी ने मुख्य सचिव, श्रम आयुक्त और जिलाधिकारियों को कार्रवाई रिपोर्ट के साथ तलब किया
नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) हरियाणा के विभिन्न जिलों में ईंट भट्ठों पर कथित बंधुआ मजदूरी से जुड़े 86 मामलों की 9 जुलाई को ऑनलाइन सुनवाई करेगा। इस वर्चुअल सुनवाई की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यम करेंगे।
एनएचआरसी ने सुनवाई के लिए हरियाणा के मुख्य सचिव या उनके नामित श्रम आयुक्त तथा संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने अधिकारियों से बंधुआ मजदूरों की पहचान, उनकी रिहाई और पुनर्वास के लिए की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
आयोग इस दौरान यह भी समीक्षा करेगा कि मुक्त कराए गए श्रमिकों को केंद्र सरकार के ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत किया गया है या नहीं, ताकि उन्हें असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए उपलब्ध सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल सके।
सुनवाई में बंधुआ श्रम प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के प्रावधानों के पालन, सुप्रीम कोर्ट के बंधुआ मुक्ति मोर्चा और एशियाड वर्कर्स मामलों में दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुपालन की स्थिति पर भी चर्चा होगी।
एनएचआरसी पुनर्वास पैकेजों की प्रगति की भी जानकारी लेगा। इसमें प्रभावित श्रमिकों को दी गई आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण और वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों की समीक्षा की जाएगी। आयोग यह भी जांचेगा कि भविष्य में बंधुआ मजदूरी की घटनाओं को रोकने के लिए जिलों में क्या कदम उठाए गए हैं।
आयोग का उद्देश्य शिकायतों पर जिला प्रशासन की कार्रवाई का मूल्यांकन करना और श्रमिकों के मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।