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कृष्ण मोहन त्रिपाठी बने कार्यकारी महासचिव, दान चोरी मामले में दोषियों पर कार्रवाई और प्रबंधन सुधार को बताया पहली प्राथमिकता
अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए। इसके साथ ही ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन त्रिपाठी को कार्यकारी महासचिव नियुक्त किया गया। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि हालिया दान चोरी प्रकरण के बाद मंदिर प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि महाराज ने बताया कि ट्रस्ट के नियमों के अनुसार दोनों पदाधिकारियों के नैतिक आधार पर दिए गए इस्तीफे स्वीकार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं ट्रस्टी के. पारासरन, जो बैठक में वर्चुअली शामिल हुए, ने भी नियमों के अनुरूप इस्तीफे स्वीकार करने की बात कही। कार्यकारी महासचिव कृष्ण मोहन त्रिपाठी की सहायता के लिए एक समिति का भी गठन किया गया है। दान चोरी के दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई नवनियुक्त कार्यकारी महासचिव कृष्ण मोहन त्रिपाठी ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता दान चोरी के मामले में शामिल आरोपियों को कड़ी सजा दिलाना और मंदिर प्रबंधन में यदि कोई कमियां हैं तो उन्हें दूर करना होगा। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट रामभक्तों का विश्वास और मंदिर की गरिमा बनाए रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा। 22 जुलाई को होगी अगली बैठक गोविंद देव गिरि महाराज ने बताया कि ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को होगी, जिसमें नए ट्रस्ट सदस्यों की नियुक्ति पर विचार किया जाएगा। तब तक विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट भी मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि दान चोरी प्रकरण में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि राम मंदिर के लिए प्राप्त 2,800 दान वस्तुओं की सूची तैयार है। यदि किसी दानदाता को किसी प्रकार का संदेह हो तो वह ट्रस्ट के अयोध्या कार्यालय में आकर स्वयं वस्तुओं का सत्यापन कर सकता है। सभी दान सामग्री पूरी तरह सुरक्षित रखी गई है। अफवाहों से बचने की अपील गोविंद देव गिरि महाराज ने भावुक होते हुए कहा कि दान चोरी मामले को लेकर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार और राजनीतिक बयानबाजी से समाज को भ्रमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने रामभक्तों से अफवाहों पर ध्यान न देने और ट्रस्ट पर विश्वास बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि ट्रस्ट पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य करेगा और समाज की अपेक्षाओं पर खरा उतरेगा।