11 देशों की एजेंसियां होंगी शामिल, सिंथेटिक ड्रग्स, डार्कनेट तस्करी और खुफिया साझेदारी पर बनेगी रणनीति
गुवाहाटी (Narendra Singh Danu): भारत अपनी BRICS अध्यक्षता के तहत 6 और 7 जुलाई को गुवाहाटी में BRICS देशों की मादक पदार्थ निरोधक एजेंसियों के प्रमुखों की बैठक आयोजित करेगा। सम्मेलन में सदस्य देशों के शीर्ष अधिकारी ड्रग्स तस्करी से निपटने के लिए साझा रणनीति और आपसी सहयोग को मजबूत करने पर मंथन करेंगे।
बैठक का मुख्य फोकस सिंथेटिक ड्रग्स, न्यू साइकोएक्टिव सब्सटेंस (NPS), डार्कनेट के जरिए होने वाली तस्करी, क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से फंडिंग और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से निपटना रहेगा। साथ ही खुफिया जानकारी साझा करने, संयुक्त ऑपरेशन, क्षमता निर्माण और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी चर्चा होगी।
भारत इस बैठक को केवल संवाद तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि इसे परिणामोन्मुख सहयोगी तंत्र में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहा है। सरकार का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच ऑपरेशनल समन्वय को और मजबूत करना है।
भारत हाल के वर्षों में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान को तेज कर चुका है। सरकार ने "विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029" भी जारी किया है, जिसका लक्ष्य मादक पदार्थों के खिलाफ संस्थागत क्षमता को मजबूत करना है। बैठक के दौरान भारत गुप्त ड्रग लैब, प्रीकर्सर केमिकल्स की निगरानी, संयुक्त प्रशिक्षण और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान जैसे मुद्दों पर भी सहयोग बढ़ाने का प्रस्ताव रखेगा।
बैठक का समापन संयुक्त घोषणा-पत्र के साथ होगा। BRICS में ब्राज़ील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात सहित 11 उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं।