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मांगें नहीं मानीं तो 10 जुलाई से आंदोलन तेज करेगा सेवा केंद्र कर्मचारी संघ
होशियारपुर/मोहाली (दलजीत अजनोहा) : सेवा केंद्र कर्मचारी यूनियन पंजाब के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की एक अहम बैठक हुई, जिसमें पंजाब एआईटीयूसी (AITUC) के महासचिव श्री निर्मल सिंह धालीवाल और उप-प्रधान श्री विनोद चुग ने विशेष रूप से भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के प्रदेशध्यक बलजिंदर सिंह माझा और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने की। बैठक के दौरान कर्मचारियों ने राज्य सरकार और कैबिनेट मंत्री श्री अमन अरोड़ा द्वारा पहले की गई सहमति से पीछे हटने पर गहरी चिंता व्यक्त की। यूनियन के नेताओं ने बताया कि 26 मई से 9 जून 2026 तक चली हड़ताल के बाद, मंत्री जी के आश्वासन पर ही कर्मचारियों ने 10 जून से ड्यूटी ज्वाइन की थी। यह सहमति बनी थी कि सभी कर्मचारी बिना किसी रोकटोक के सेवा में रखे जाएंगे और हड़ताल के दौरान कटी गई गैर-हाजिरी को सही कर वेतन जारी किए जाएँगे। हालांकि, यूनियन के नेताओं ने आरोप लगाया कि अब प्रशासनिक अफसर और मंत्री जी के स्टाफ फोन भी नहीं उठा रहे हैं। कर्मचारियों की गैर-हाजिरियों को अभी तक ठीक नहीं किया गया है और सरकार अपने किए वादों से पीछे हट रही है। इस बैठक में यूनियन ने अपनी प्रमुख मांगें दोहराईं, जिनमें सेवा केंद्र के कर्मचारियों को कंपनी के बजाय सीधे विभाग के अधीन लाना, वेतन में उचित वृद्धि करके न्यूनतम वेज ग्रेड लागू करना, रविवार और अन्य सरकारी छुट्टियों का लाभ देना, अतिरिक्त ड्यूटी के लिए ओवरटाइम या टी.ए./डी.ए. का भुगतान करना, और सुरक्षा गार्डों की रुकी हुई तनख्वाहें तत्काल जारी करना शामिल हैं। साथ ही कर्मचारियों के साथ होने वाले विवाद बंद करने की भी जोरदार मांग उठाई गई। अंत में, संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने शीघ्र ही इन कानूनी और जायज़ मांगों को पूरा नहीं किया, तो 10 जुलाई 2026 से ट्रेड यूनियन के अधिकारों का प्रयोग करते हुए फिर से तीव्र संघर्ष शुरू किया जाएगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी।