Uturn Time
Breaking
Chandigarh: हरियाणा में ई-कॉमर्स विस्तार की बड़ी पहल: फ्लिपकार्ट के साथ साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा Chandigarh: हरियाणा–फुकुओका साझेदारी: 50,000 युवाओं को जापान में रोजगार का रास्ता खुला Chandigarh: पंजाब में सामाजिक सुरक्षा पर बड़ा कदम: 1,583 करोड़ रुपये जारी, 36 लाख लोगों को मिला लाभ New Delhi: कपड़ा क्षेत्र की योजनाओं की समीक्षा, बुनकरों-कारीगरों के सशक्तीकरण पर जोर New Delhi: एनीमिया के खिलाफ बड़ा बदलाव, ‘एनीमिया मुक्त भारत अभियान’ का नया स्वरूप लॉन्च New Delhi: जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक का अनशन, देशभर से समर्थन की अपील New Delhi: ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने की नई पहल, 'लखपति दीदी डैशबोर्ड' और 'शी लीप्स' लॉन्च New Delhi: डिजिटल हेल्थ को नई रफ्तार: आरोग्य सेतु 2.0 समेत कई स्वास्थ्य सेवाएं लॉन्च Srinagar: 34 साल पुराने सरला भट हत्याकांड में चार्जशीट दाखिल, यासीन मलिक समेत पांच आरोपित नामजद New Delhi: हरियाणा-राजस्थान के बीच यमुना जल परियोजना पर समझौता, शेखावाटी समेत कई क्षेत्रों को मिलेगा पेयजल Patiala: पंजाब के पेंशनधारक डॉक्टर 1 जुलाई को राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस “काला दिवस” के रूप में मनाएँगे Hoshiarpur: सेवा केंद्र कर्मचारी संघ पंजाब ने सरकार को चेतावनी दी, मांगे नहीं मानीं तो 10 जुलाई से फिर शुरू होगा संघर्ष
Logo
Uturn Time
चंडीगढ़/यूटर्न/29 जून। सोने की ज़बरदस्त तेज़ी अब उल्टी दिशा में चल पड़ी है। इस साल की शुरुआत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर 10 ग्राम सोने की कीमत 1,92,991 के अब तक के सबसे ऊंचे इंट्राडे स्तर पर पहुंचने के बाद, अब यह कीमती धातु लगभग 1,43,610 पर ट्रेड कर रही है। यानी इसकी कीमत में लगभग 49,400 की कमी आई है, जो कि लगभग 26% की गिरावट है। इस भारी गिरावट ने निवेशकों और गहने खरीदने वालों के मन में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या कीमतें और गिर सकती हैं। सोने की कीमत रिकॉर्ड ऊंचाई तक क्यों पहुंची थी? इस साल की शुरुआत में सोने की कीमतों में उछाल आया था क्योंकि जियोपॉलिटिकल तनाव, ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ को लेकर चिंता और प्रमुख सेंट्रल बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन एसेट्स) की ओर आकर्षित हुए थे। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, सेंट्रल बैंकों की खरीदारी और कमज़ोर अमेरिकी डॉलर ने भी इस तेज़ी को बढ़ावा दिया था। कीमतें क्यों गिर रही हैं? इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बदलता नज़रिया है। बाज़ार को अब उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिज़र्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखेगा; ट्रेडर्स इस साल तीन बार और दिसंबर में एक और बार ब्याज दरें बढ़ने की संभावना मानकर चल रहे हैं। ऊंची ब्याज दरों से सोने का आकर्षण कम हो जाता है, क्योंकि इससे कोई इनकम नहीं होती, जिससे निवेशक ब्याज देने वाली संपत्तियों की ओर रुख करते हैं। मज़बूत अमेरिकी डॉलर ने भी दबाव बढ़ाया है क्योंकि इससे विदेशी खरीदारों के लिए सोना महंगा हो गया है। क्या कीमतें और गिरेंगी? एक्सिस सिक्योरिटीज के अनुसार, हाल ही में अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक आने के बाद सोने में थोड़ी रिकवरी हुई, लेकिन फेडरल रिज़र्व के सख्त रुख और मज़बूत डॉलर के कारण यह दबाव में बना हुआ है। ऑगमोंट में रिसर्च हेड डॉ. रेनिशा चैनानी ने कहा कि महंगाई का लक्ष्य से ऊपर बने रहना और ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदें सोने के लिए बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। खरीदारों को क्या करना चाहिए? महीनों तक रिकॉर्ड-ऊंची कीमतों के बाद इस गिरावट ने गहने खरीदने वालों को राहत दी है। हालांकि, एनालिस्ट्स का मानना है कि पश्चिम एशिया में घटनाक्रम, अमेरिकी इकोनॉमिक डेटा और फेडरल रिज़र्व के फैसलों के कारण उतार-चढ़ाव बना रहेगा। लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए, सोना अनिश्चितता के खिलाफ एक बचाव (हेज) बना हुआ है। ----