चंडीगढ़ 22 Jan । चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन अब अपने नए और आधुनिक स्वरूप में तेजी से उभर रहा है। लंबे समय से चल रहे पुनर्विकास कार्य के बाद स्टेशन का लगभग 90 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है और यात्रियों को अब एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं की झलक मिलने लगी है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार शेष फिनिशिंग कार्य मार्च के अंत तक पूरे कर लिए जाएंगे।
हाल ही में स्टेशन के विशाल कानकोर्स पर लगी लिफ्टों की जांच प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जिसके बाद प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए 8 लिफ्टों को चालू कर दिया गया है। यह सुविधा खास तौर पर बुजुर्गों, दिव्यांग यात्रियों और बच्चों के साथ यात्रा करने वालों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। इन लिफ्टों के जरिए यात्री प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 6 तक आसानी से आ-जा सकेंगे। कानकोर्स के दोनों ओर चार-चार लिफ्टें स्थापित की गई हैं।
करीब 72 मीटर × 80 मीटर आकार का यह विशाल कानकोर्स चंडीगढ़ और पंचकूला की ओर से आने-जाने वाले यात्रियों को आपस में जोड़ता है। रेलवे के सीनियर डीसीएम नवीन कुमार ने बताया कि स्टेशन का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है और यात्रियों को जल्द ही विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
गौरतलब है कि रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी की ओर से चल रहे इस प्रोजेक्ट की समय-सीमा पहले कई बार आगे बढ़ चुकी है। वर्ष 2024 और 2025 में तय की गई कई डेडलाइन पूरी नहीं हो सकीं। हालांकि रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इतने बड़े स्तर के पुनर्विकास कार्य में चरणबद्ध तरीके से काम करना पड़ता है और तय तारीखें बदलना असामान्य नहीं है।
फिलहाल राहत की बात यह है कि यात्रियों के लिए कानकोर्स को प्लेटफॉर्म 2 से 6 तक खोल दिया गया है और लिफ्ट सुविधा शुरू होने से आवागमन पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम हो गया है।