- लोहे की फर्जी बिलिंग में 47.50 करोड़ रुपए आई.टी.सी. हड़पने का आरोप, लुधियाना में कई ठिकानों पर छापेमारी
लुधियाना, 21 जनवरी : केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) कमिश्नरेट लुधियाना ने लोहे व इस्पात निर्माण क्षेत्र में एक बड़े जीएसटी चालान घोटाले का पर्दाफाश करते हुए करीब 311 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग का खुलासा किया है। इस मामले में विभाग ने संगोवाल स्थित मारूति एलॉयस नामक कंपनी द्वारा 47.50 करोड़ रु पये इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हड़पे जाने का लगाया है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा। विशेष खुफिया सूचना के आधार पर सीजीएसटी लुधियाना के अधिकारियों ने बीते दिनों शहर में कई स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
जांच के दौरान सामने आया कि उक्त फर्म द्वारा बिना किसी वास्तविक माल की आपूर्ति के फर्जी जीएसटी बिल जारी किए जा रहे थे। इन चालानों के जरिए अवैध रूप से आईटीसी का लाभ उठाकर जीएसटी देनदारियों का समायोजन किया गया। तलाशी अभियानों के बाद सामने आए ठोस साक्ष्यों के आधार पर इस का संचालन करने वाले कुलदीप सिंगला व उसके पुत्र निशु सिंगला को केंद्रीय जीएसटी अधिनियम, 2017 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।
दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में कई अहम दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और लेन-देन से जुड़े सबूत बरामद किए गए हैं। सीजीएसटी अधिकारियों का कहना है कि यह घोटाला सुनियोजित तरीके से लंबे समय से चल रहा था और इसमें कई फर्जी फर्मो का नेटवर्क तैयार किया गया था।
फिलहाल जांच जारी है, ताकि इस पूरे फर्जी बिलिंग रैकेट की जड़ तक पहुंचा जा सके और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों व संस्थाओं की पहचान की जा सके।
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब लुधियाना में इस तरह का बड़ा जीएसटी फर्जीवाड़ा सामने आया हो। इससे पहले कुछ माह पूर्व सीजीएसटी लुधियाना ने वासु मल्टीमेटल के मालिक वैष्णो गुप्ता और उनके पुत्र शिवम गुप्ता को करोड़ों रु पये की फर्जी जीएसटी बिलिंग के मामले में गिरफ्तार किया था। उस कार्रवाई ने उद्योग जगत में हड़कंप मचा दिया था। इसके बाद भी करोड़ों रुपये की फर्जी बिलिंग से जुड़े एक अन्य बड़े मामले में केके एलॉयज ग्रुप के एमडी और लुधियाना फर्नेस एलायंस के प्रधान महेश गुप्ता अपने पुत्र प्रियंक गुप्ता के साथ फरार हो गए थे, जिनकी तलाश अब भी जारी है।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से यह स्पष्ट हो गया है कि फर्जी जीएसटी बिलिंग के जरिए सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का एक संगठित नेटवर्क सक्रि य है। सीजीएसटी लुधियाना कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी और फर्जी बिलिंग के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग ने दोहराया कि ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा और निष्पक्ष कारोबारी माहौल सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।