अमनजीत सिंह
जम्मू 19 जनवरी : खेलों की दुनिया में जम्मू-कश्मीर की उभरती पहचान को एक नया आयाम देते हुए, आज इंडोर हॉल, भगवती नगर में '7वीं नेशनल क़वान की डो चैंपियनशिप 2025–26' का भव्य उद्घाटन किया गया। 16 से 18 जनवरी तक चलने वाली इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए लगभग 800 खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं।
दिग्गज हस्तियों की उपस्थिति
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि, प्रख्यात पद्म श्री पुरस्कार विजेता श्री फैसल अली डार ने किया। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में कश्मीर विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा निदेशक डॉ. सुरजीत सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के तौर पर सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता डॉ. सुखबीर कौर बाजवा और खेल अधिकारी श्रीमती सुरजीत कौर ने भी शिरकत की।
युवा शक्ति और अनुशासन पर जोर
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि फैसल अली डार ने कहा:
"मार्शल आर्ट्स केवल एक खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, शारीरिक फिटनेस और चरित्र निर्माण का एक सशक्त माध्यम है। जम्मू में इस तरह के बड़े आयोजनों का होना यह दर्शाता है कि हमारे क्षेत्र में खेल संस्कृति कितनी तेजी से विकसित हो रही है।"
उन्होंने खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और विजेताओं व अधिकारियों को पदक एवं स्मृति चिन्ह देकर उनका उत्साहवर्धन किया।
चैंपियनशिप की मुख्य विशेषताएं
मेजबान: क़वान की डो एसोसिएशन ऑफ़ जम्मू एंड कश्मीर (क़वान की डो फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के तत्वावधान में)।
प्रतिभागी: देश भर से लगभग 800 मार्शल आर्ट्स एथलीट।
आयोजन समिति: श्री अतुल पंगोत्रा (अध्यक्ष), श्री दिनेश शर्मा (उपाध्यक्ष), श्री संजय सैनी (सेल्फ डिफेंस प्रभारी) और श्री सुनील दत्त (तकनीकी निदेशक) के नेतृत्व में सफल आयोजन।
जम्मू बना 'स्पोर्ट्स हब'
यह चैंपियनशिप न केवल क़वान की डो की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है, बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि जम्मू अब राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। 18 जनवरी को संपन्न हुए इस तीन दिवसीय आयोजन ने युवा मार्शल आर्ट्स खिलाड़ियों को एक ऐसा मंच प्रदान किया है, जहाँ से वे अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय कर सकते हैं।