राजदीप सिंह सैनी
पंजाब/यूटर्न/15 जून। बंगाल में करीब एक करोड़ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने के बाद वे वोट नहीं डाल सके। इसी तरह के कुछ संकेत पंजाब में भी देखने को मिल सके हैं। जिसमें राज्य के करीब 69 लाख वोटर अनट्रेस पाए गए हैं। जिसके चलते आने वाले विधानसभा चुनाव में वोटों का बड़ा झोल हो सकता है। इससे पंजाब की राजनीति में बड़ी हलचल होने वाली है, क्योंकि इसका नुकसान हर राजनीतिक पार्टी को होगा। सोशल मीडिया पर आंकड़ों की तेजी से तस्वीरें वायरल हो रही है। जिसमें पंजाब के सबसे बड़े शहर लुधियाना में ही 6 लाख 35 हजार 877 वोटर अनट्रेस मिलने के दावे किए गए हैं। इसमें कई वोटर ट्रेस नहीं हो सके या अपने पते पर नहीं मिले। इस संबंधी जब उच्च अधिकारियों से संपर्क किया गया तो उन्होंने दबी जुबान से पुष्टि करते हुए कहा कि यह सर्वे कहीं न कहीं सही है। अगर यह आंकड़े सही है तो इस मुताबिक पूरे पंजाब में करीब 69 लाख वोटर अनट्रेस है। जिसके चलते इनके नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा सकते हैं। यानि कि 23.6 प्रतिशत वोटर इस बार वोट नहीं डाल सकेगें। हालांकि अभी एसआईआर सर्वे होना बाकी है।
100 वोटरों में 24 अनट्रेस
चर्चा है कि यह हालात सिर्फ लुधियाना नहीं बल्कि राज्य के बाकी 23 जिलों में भी देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में एक अनुमान के मुताबिक राज्य में कुल वोटर करीब ढ़ाई करोड़ है। अगर सभी जिलों से 3 लाख वोटर भी अनट्रेस हैं, तो उस मुताबिक स्टेट में 27.6 प्रतिशत वोटर लापता है। यानि कि हर 100 वोटर के पीछे 24 वोटर अनट्रेस हैं।
पंजाब के साउथ हल्के में सबसे ज्यादा लापता
वहीं सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में लुधियाना के अलग अलग हल्कों की जानकारी दी गई है। जिसके मुताबिक जिले के 14 विधानसभा हल्कों में कुल 26 लाख 84 हजार 361 वोटर हैं। जिसमें से 6 लाख 35 हजार 877 लापता है। इसमें लुधियाना साउथ के 71877, गिल के 68930, ईस्ट के 68331, वेस्ट के 56021 और नॉर्थ में 59681 वोटर शामिल हैं। इस मुताबिक शहर के 23.6 प्रतिशत वोटर इस बार वोट नहीं डालेगें।
क्या बोग्स वोटिंग होगी बंद
चर्चा है कि यह वे वोटें हैं, जो चुनाव के समय पड़ती ही नहीं थी। जिनके जरिए बोग्स वोटिंग करने का प्रयास किया जाता है। ऐसे में अगर इतनी भारी मात्रा में वोट काटी जाती है, तो इस बार विधानसभा चुनाव 2027 में बोग्स वोट नहीं डाली जा सकेगी। हालांकि पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 में करीब 71 प्रतिशत वोट पड़ी थी। पहले ही 30-40 प्रतिशत वोट कम पड़ती है। ऊपर से अगर यह 27.6 प्रतिशत वोट भी कट गई, तो वोट प्रतिशत भी काफी घट जाएगा।
कम मार्जन पर जीतेगें उम्मीदवार
ऐसे में अगर कुल वोट का चौथा हिस्सा काट दिया गया और पहले ही 30-40 प्रतिशत वोटर वोट नहीं डालते, तो यह चुनावी उम्मीदवारों के लिए बड़ी समस्या खड़ी करने वाले संकेत हैं। ऐसे में उम्मीदवार काफी कम मार्जन में जीत हासिल कर सकेगें।
क्या पंजाब वासियों को मिल रहा मेरी रसोई का लाभ ?
पंजाब सरकार द्वारा मेरी रसोई राशन किट योजना शुरु की। यह किट स्मार्ट राशन कार्ड धारकों को मिल रही है। सरकार मुताबिक लगभग 40 लाख परिवारों को यह किट दी जा रही है। लेकिन अब सवाल यह खड़े हो रहे हैं कि पंजाब में 40-50 सालों से रह रहे कई परिवारों के राशन कार्ड ही नहीं बने। जिसके चलते उन्हें यह सुविधा ही नहीं मिल पा रही। जबकि दूसरे लोगों को किटें दी जा रही है। ऐसे में चर्चा छिड़ गई है कि आखिर पंजाब के लोगों के राशन कार्ड बनाने को तो सुविधा बंद होने के दावे किए जाते हैं, फिर दूसरे लोगों के कार्ड कैसे बन गए।
चुनाव में होता है सरकार को नुकसान
बता दें कि सरकार द्वारा राज्य की जनता के लिए कई सुविधाएं लाई जाती है, लेकिन इसका मुख्य फायदा पंजाब में दशकों से रह रहे लोगों को काफी कम मिल पाता है। गेहूं और राशन किट योजना भी उन्हीं में से एक है। जिन लोगों को फायदा मिलता है, उसमें ज्यादातर पंजाब के पक्के वासी नहीं होते। हालांकि पहले सरकारें इस पर ध्यान नहीं देती और फिर चुनाव में नुकसान होता है। क्योंकि जिन्हें फायदा मिला, उनके वोटर कार्ड नहीं होते और जिन्हें नहीं मिलता, वे सरकार की कार्यप्रणाली से नाखुश होकर वोट नहीं डालते। ऐसे में सरकार को इस पर ध्यान देने की जरुरत है।