गहलोत के बयान पर राठौड़ की तीखी प्रतिक्रिया, कांग्रेस पर लगाए आरोप
जयपुर: राजस्थान में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Madan Rathore ने पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें भाजपा पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई थी।
राठौड़ ने कहा कि इस तरह के बयान कांग्रेस की तानाशाही मानसिकता और लोकतंत्र विरोधी सोच को दर्शाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का राजनीतिक इतिहास भी इसी मानसिकता को दिखाता है, जब 1975 में देश पर आपातकाल थोपकर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया गया था।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल पर प्रतिबंध लगाने की बात करना न केवल अनुचित है, बल्कि यह राजनीतिक असहिष्णुता का संकेत भी है। राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस को अपने अतीत को याद रखना चाहिए, जब आपातकाल के दौरान नागरिक अधिकारों का हनन हुआ और बाद में जनता ने उसे सत्ता से बाहर कर दिया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि वरिष्ठ नेता होने के बावजूद अशोक गहलोत का इस तरह का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अनुसार, इस तरह की बयानबाजी केवल राजनीतिक सुर्खियां बटोरने का प्रयास है, जिससे अल्पकालिक लाभ तो मिल सकता है, लेकिन जनविश्वास प्रभावित होता है।
राठौड़ ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों की प्रतिस्पर्धा और जनमत का सम्मान सर्वोपरि है। किसी दल को प्रतिबंधित करने की बात लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश की जनता जागरूक है और लोकतंत्र को कमजोर करने वाली किसी भी सोच को स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि भारत की लोकतांत्रिक संस्थाएं मजबूत हैं और किसी भी प्रकार की तानाशाही सोच के लिए यहां कोई स्थान नहीं है।