पुलिस कार्रवाई को लेकर सागरिका घोष का तीखा हमला, कहा— विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और जांच एजेंसियों के बीच टकराव एक बार फिर चर्चा में है। पार्टी की राज्यसभा सांसद Sagarika Ghose ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद Abhishek Banerjee के कालीघाट स्थित आवास पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध और विपक्षी नेताओं को डराने का प्रयास बताया।
सागरिका घोष ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में दावा किया कि शनिवार तड़के करीब तीन बजे पुलिस और केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों के जवान अभिषेक बनर्जी के आवास पहुंचे। उनके अनुसार सुबह पांच बजे के आसपास ताले खोलने के लिए आपदा प्रबंधन दल को बुलाया गया और करीब साढ़े छह बजे तलाशी अभियान शुरू हुआ, जो लगभग डेढ़ घंटे तक चला।
"कुछ नहीं मिला" : टीएमसी
तृणमूल सांसद का दावा है कि व्यापक तलाशी अभियान के बावजूद जांच एजेंसियों को कोई आपत्तिजनक सामग्री या सबूत नहीं मिला। उन्होंने कहा कि तलाशी रिपोर्ट में भी किसी अनियमितता का उल्लेख नहीं है और यह कार्रवाई केवल राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से की गई।
सागरिका घोष ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जो विपक्षी नेता उसके दबाव के आगे झुकने से इनकार करते हैं, उन्हें विभिन्न जांच एजेंसियों के जरिए निशाना बनाया जाता है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक बताया।
सुमित रॉय की तलाश में पहुंची थी पुलिस
जानकारी के अनुसार यह तलाशी अभियान पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सालबनी थाने में दर्ज एक मामले के सिलसिले में चलाया गया। पुलिस कथित रूप से अभिषेक बनर्जी के कार्यकारी सहायक सुमित रॉय की तलाश कर रही थी, जिन्हें मामले में फरार बताया जा रहा है।
अभियान में पश्चिम मेदिनीपुर जिला पुलिस, कोलकाता पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवान शामिल थे।
सीआईडी ने भी किया तलब
इस बीच विधानसभा से जुड़े कथित हस्ताक्षर विसंगति मामले की जांच भी तेज हो गई है। राज्य की Criminal Investigation Department ने अभिषेक बनर्जी को रविवार को पूछताछ के लिए भवानी भवन स्थित मुख्यालय में तलब किया है।
इसी मामले में तृणमूल नेता Kunal Ghosh को भी समन भेजा गया है। सूत्रों के मुताबिक जांच अधिकारी दोनों नेताओं से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर सकते हैं।
हस्ताक्षर विसंगति मामले की जांच जारी
उल्लेखनीय है कि विधानसभा में विपक्ष से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव में तृणमूल विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित विसंगतियों के आरोप लगाए गए थे। इसी मामले की जांच सीआईडी कर रही है और उसी सिलसिले में संबंधित नेताओं को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
फिलहाल मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं, जबकि जांच एजेंसियां अपने स्तर पर कार्रवाई आगे बढ़ा रही हैं।