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मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयास लगातार सार्थक परिणाम दे रहे हैं। अप्रैल 2026 के दौरान राज्यभर में समय रहते हस्तक्षेप करते हुए 15 बाल विवाहों को रोका गया, जिससे कई बच्चों का बचपन, शिक्षा और भविष्य सुरक्षित किया जा सका। यह जानकारी साझा करते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि बाल विवाह केवल एक कानूनी अपराध ही नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों और उनके उज्ज्वल भविष्य पर गंभीर प्रहार है। उन्होंने कहा कि रोका गया प्रत्येक बाल विवाह एक बच्चे के बचपन की रक्षा, उसकी शिक्षा की सुरक्षा और उसके सपनों को नई उड़ान देने के समान है। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि किसी भी बच्चे का स्थान विवाह मंडप में नहीं, बल्कि विद्यालय में है। पंजाब सरकार प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य का अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह की रोकथाम तथा लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए अप्रैल माह के दौरान राज्यभर में 3000 से अधिक जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। स्कूलों, गांवों, आंगनवाड़ी केंद्रों और विभिन्न समुदायों में आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से अभिभावकों, युवाओं और आम लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा बच्चों के अधिकारों के बारे में जागरूक किया गया। मंत्री ने बताया कि जिला बाल संरक्षण इकाइयों, चाइल्ड वेलफेयर कमेटियों, स्थानीय प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों द्वारा आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह, बाल शोषण, बाल मजदूरी अथवा बच्चों से संबंधित किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दी जा सकती है, जिसके बाद तत्काल हस्तक्षेप और आवश्यक कार्रवाई की जाती है। संदिग्ध मामलों में समय पर कार्रवाई करके बच्चों के अधिकारों और कल्याण की रक्षा सुनिश्चित की जाती है। डॉ. बलजीत कौर ने लोगों, पंचायती राज संस्थाओं, शिक्षकों, धार्मिक एवं सामाजिक नेताओं से अपील की कि वे बाल विवाह के खिलाफ इस अभियान में सरकार का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध मामले की तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते हस्तक्षेप कर बच्चों के अधिकारों की रक्षा की जा सके। उन्होंने कहा कि जागरूकता, जनभागीदारी और कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के बल पर पंजाब बाल विवाह के पूर्ण उन्मूलन तथा बच्चों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और अवसरों से भरपूर समाज के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।