Ludhiana 19 Dec : डायरेक्ट टैक्स बार एसोसिएशन (डायरेक्ट टैक्सेस) द्वारा “बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध अधिनियम, 1988” विषय पर एक अत्यंत प्रभावशाली और ज्ञानवर्धक वेबिनार का सफल आयोजन किया गया। मौजूदा समय में बेनामी मामलों में बढ़ते प्रवर्तन को देखते हुए यह वेबिनार कर-पेशेवरों के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक साबित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
वेबिनार के मुख्य वक्ता श्री एस. वासुदेवन, एग्जीक्यूटिव पार्टनर एवं हेड – डायरेक्ट टैक्स टीम, लक्ष्मीकुमारन एंड श्रीधरन अटॉर्नीज रहे। उन्होंने अपने व्याख्यान में बेनामी अधिनियम के जटिल प्रावधानों को प्रासंगिक केस-लॉ, हालिया न्यायिक दृष्टांतों और वास्तविक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से बेहद सरल, व्यावहारिक और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। विषय पर उनकी गहरी पकड़, स्पष्ट विश्लेषण और व्यावहारिक दृष्टिकोण को प्रतिभागियों ने व्यापक सराहना दी। प्रश्नोत्तर सत्र में उन्होंने सदस्यों की जिज्ञासाओं का विस्तार से समाधान करते हुए कानून के सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक दोनों पहलुओं को स्पष्ट किया।
इस वेबिनार की विशेष बात यह रही कि इसमें केवल डीटीबीए के सदस्य ही नहीं, बल्कि अमृतसर, जालंधर और चंडीगढ़ की विभिन्न बार एसोसिएशनों के सदस्य भी शामिल हुए, जो इस विषय की व्यापक उपयोगिता और महत्व को दर्शाता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सीए आई. एस. खुराना, अध्यक्ष, डीटीबीए ने की। वहीं सीए दीपक जैन, सचिव, डीटीबीए तथा सीए राजेश जैन ने सत्र का कुशल संचालन करते हुए इसे संवादपूर्ण और प्रभावी बनाया।
प्रतिभागियों ने वेबिनार को समय की आवश्यकता, अत्यंत उपयोगी और पेशेवर दक्षता बढ़ाने वाला बताते हुए डीटीबीए की इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की।