चंडीगढ़/यूटर्न/8 जून। भारतीय वायु सेना (आईएएफ) 21 जून को होने वाली नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा के लिए लॉजिस्टिकल सपोर्ट देगी। बड़े सूत्रों के मुताबिक, देश भर में प्रश्न-पत्रों को सुरक्षित रूप से पहुंचाने के लिए एमआई-17 हेलीकॉप्टर और अन्य हवाई साधनों को तैनात किया जाएगा। खास बात यह है कि एमआई-17 हेलीकॉप्टर कई तरह के काम करने वाले, मध्यम क्षमता वाले विमान हैं जिन्हें मुख्य रूप से सैन्य परिवहन, सैनिकों को पहुंचाने और युद्ध में मदद के लिए बनाया गया है। सूत्रों के अनुसार, आईएएफ देश भर में 18 तय जगहों से नीट-यूजी के गोपनीय प्रश्न-पत्रों के पैकेट वितरण केंद्रों और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाएगी, ताकि वे समय पर और सुरक्षित रूप से पहुंच सकें। यह कदम एक बड़े सुरक्षा ढांचे का हिस्सा है, जिसका मकसद उन गड़बड़ियों को दोबारा होने से रोकना है जिनकी वजह से पिछली परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी।
सुरक्षा के खास इंतजाम
आईएएफ के साधनों को तैनात करने का फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब अधिकारी किसी राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के लिए अब तक की सबसे सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू कर रहे हैं। 21 जून को होने वाली नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा से पहले, प्रश्न-पत्र तैयार करने वालों, मॉडरेटर और अनुवादकों को एक सुरक्षित और गुप्त जगह पर भेजा गया है, जहां वे परीक्षा होने तक लॉकडाउन जैसी स्थिति में रहेंगे। पेपर लीक होने की किसी भी संभावना को खत्म करने के लिए मोबाइल फोन, लैपटॉप, इंटरनेट सेवाओं और बाहरी संचार के सभी साधनों के इस्तेमाल पर कड़ी रोक लगाई गई है।
लीक रोकने के लिए कई स्तरों वाली योजना
सूत्रों ने बताया कि पेपर तैयार करने वालों को एक जगह बंद रखना (लॉकडाउन) एक बड़ी सुरक्षा रणनीति का सिर्फ़ एक हिस्सा है। इस रणनीति का मकसद परीक्षा प्रक्रिया के हर चरण प्रश्न-पत्र तैयार करने और स्टोर करने से लेकर उन्हें लाने-ले जाने और बांटने तक को सुरक्षित रखना है।
भरोसा बहाल करने की कोशिश
केंद्र सरकार के ये कड़े सुरक्षा उपाय नीट-यूजी 2026 की मूल परीक्षा के रद्द होने के बाद किए गए हैं, जो पेपर लीक के आरोपों के कारण रद्द हुई थी। 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा को भरोसा बहाल करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अधिकारी यह पक्का करना चाहते हैं कि प्रक्रिया का हर चरण प्रश्न-पत्र तैयार करने और लाने-ले जाने से लेकर परीक्षा केंद्रों पर बांटने तक सुरक्षित, पारदर्शी और छेड़छाड़-मुक्त रहे।
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