Buy High Quality BacklinksNettoyage professionnel en SavoieInstant URL Indexingcasino link building servicesbuy cheap backlinkWebshellfast google indexingBuy hidden backlinksPremium Backlinks for SEObuy backlinkshacklink satin alBuy Hidden Backlink6clubcolour prediction game demofree colour prediction gamecolour prediction demo gamecolour prediction game playwhere to play colour prediction gamemantri mall colour prediction gamereliance mall colour prediction gamegodrej mall colour prediction gameadani mall colour prediction gamepacific mall colour prediction gameBG678 review678 lotterybg678dmwindmwin logindm win lotteryjio lottery game6 Club apkgojackpotchambery porn
अख़बार की आड़ में कानून का उल्लंघन करते हुए शराब का कारोबार चलाया गया: पंजाब सरकार - Uturn Time
Uturn Time
Breaking
Amritsar: अमृतसर में गैस संकट गहराया, 45 दिन से सिलेंडर के लिए भटक रहे लोग Chandigarh: पंजाब में रोजगार नीति में बड़ा बदलाव, 65 हजार कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, नौकरी होगी नियमित Chandigarh: पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, भ्रष्टाचार मामलों के लिए अलग कोर्ट, 7 नई अदालतें Samba: सांबा में कृषि विकास को लेकर प्रशासन सक्रिय, JKCiP की प्रगति पर प्रशासन ने कसी नजर केंद्र सरकार ने कपास इंपोर्ट पर कस्टम ड्यूटी की माफ, 30 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगा फैसला Kolkata: अभिषेक बनर्जी पर भीड़ का हमला: हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्थर और अंडे फेंके गए Ludhiana: टैक्सेशन बार एसोसिएशन द्वारा धार्मिक यात्रा का आयोजन Chandigarh: पंजाब-हरियाणा NCC के ADG संभालेंगे दक्षिण का सब-एरिया Hisar: वियतनाम में भारत का परचम, गरिमा ढांडा ने जीता स्वर्ण New Delhi: दिल्ली-मुंबई को निशाना बनाने की योजना फेल, सुरक्षा एजेंसियों ने आठ संदिग्ध आतंकियों को दबोचा New Delhi: राजधानी में पानी की सप्लाई को लेकर सख्ती, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की समीक्षा बैठक Derabassi: अज्ञात व्यक्तियों द्वारा किए गए हमले के विरोध में डॉक्टर सड़कों पर, सिविल अस्पताल की OPD सेवाएं बंद
Logo
Uturn Time
पंजाब में क़ानून सभी पर समान रूप से लागू होता है; संपादकीय स्वतंत्रता सुरक्षित रहेगी, लेकिन क़ानूनी उल्लंघनों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा: पंजाब सरकार चंडीगढ़ 15 Jan : पंजाब सरकार ने गुरुवार को Punjab Kesari Group द्वारा लगाए गए “निशाने पर लेकर की गई कार्रवाई” के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह दावा कई वैधानिक प्राधिकरणों द्वारा अपने कानूनी अधिकार क्षेत्र में की गई जाँचों के दौरान सामने आई गंभीर और दर्ज क़ानूनी उल्लंघनों से ध्यान भटकाने का प्रयास है। पंजाब सरकार ने कहा कि Punjab Kesari Group निरीक्षणों और कार्रवाईयों की सूची तो प्रस्तुत कर रहा है, लेकिन उन कार्रवाइयों के कारणों, निष्कर्षों और परिणामों को जानबूझकर छिपा रहा है, जबकि ये सभी आधिकारिक निरीक्षण रिपोर्टों, वैधानिक नोटिसों और कारणयुक्त आदेशों में स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। पंजाब सरकार ने कहा, “इस पूरे मामले की शुरुआत न तो पत्रकारिता से है, न विज्ञापनों से और न ही संपादकीय विचारों से। इसकी शुरुआत आधिकारिक रिकॉर्ड पर दर्ज ठोस सबूतों से होती है।” पंजाब सरकार ने स्पष्ट किया कि जालंधर स्थित Park Plaza में की गई आबकारी कार्रवाई कोई सामान्य या नियमित निरीक्षण नहीं था, बल्कि एक औपचारिक जाँच का परिणाम था, जिसमें आबकारी क़ानूनों के कई गंभीर उल्लंघन सामने आए। जाँच के दौरान 800 से अधिक शराब की बोतलें अनधिकृत स्थानों से ज़ब्त की गईं। इसके साथ ही कई बोतलों पर अनिवार्य आबकारी होलोग्राम और QR कोड नहीं पाए गए। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि एक्सपायर्ड ड्राफ्ट बीयर, जो मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त थी, उसे कई दिनों तक ग्राहकों को परोसा गया। पंजाब सरकार ने बताया कि ये सभी तथ्य लिखित आबकारी आदेश में दर्ज हैं, जो कारण बताओ नोटिस जारी करने, व्यक्तिगत सुनवाई, रिकॉर्ड की जाँच और लाइसेंसधारी द्वारा दी गई स्वीकारोक्तियों के बाद पारित किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि पहली मंज़िल पर 815 बोतलें और भूतल पर 140 बोतलें अनधिकृत स्थानों पर संग्रहीत की गई थीं, जो Punjab Liquor License Rules, 1956 के नियम 37(2) का सीधा उल्लंघन है। ऐसे अनधिकृत भंडारण से राजस्व को खतरा और अवैध उपयोग की संभावना बनती है, जिस पर Punjab Excise Act, 1914 की धारा 36(c) के तहत कार्रवाई बनती है। जाँच में यह भी दर्ज किया गया कि बिना लेबल, होलोग्राम और QR कोड वाली शराब का रखना और बेचना गंभीर अपराध है और “अज्ञानता” को किसी भी स्थिति में बचाव के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। पंजाब सरकार ने रेखांकित किया कि शराब लाइसेंसों का निलंबन पूरी विधिक प्रक्रिया का पालन करने के बाद किया गया और इसे बदले की कार्रवाई कहना यह संकेत देने के समान है कि आबकारी क़ानूनों को समान रूप से लागू नहीं किया जाना चाहिए। पंजाब सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि Park Plaza में कार्रवाई केवल आबकारी उल्लंघनों तक सीमित नहीं थी। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा की गई जाँचों में गंभीर पर्यावरणीय और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े उल्लंघन दर्ज किए गए। होटल के संचालन के दौरान लॉन्ड्री में प्रयुक्त रसायनों को बिना किसी उपचार के सीधे ज़मीन पर और सीवर में छोड़ा जा रहा था, जिससे भूजल प्रदूषित हो रहा था। होटल, जो रेड कैटेगरी की बड़ी इकाई है, Water Act, 1974 और Air Act, 1981 के तहत आवश्यक “कंसेंट टू ऑपरेट” की अवधि 31 मार्च 2025 को समाप्त होने के बावजूद बिना वैध अनुमति के संचालित होता रहा। जाँच में यह भी सामने आया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट कार्यशील नहीं थे और स्थायी बायपास व्यवस्था के ज़रिये बिना उपचारित सीवेज और अपशिष्ट जल को सीधे नगर निगम के सीवर में छोड़ा जा रहा था। अनिवार्य फ्लो मीटर या तो काम नहीं कर रहे थे या मौजूद ही नहीं थे, कोई परिचालन रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया और भूजल दोहन के लिए पंजाब जल विनियमन एवं विकास प्राधिकरण से कोई प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने Hazardous Waste Management Rules, 2016 के तहत भी उल्लंघन दर्ज किए, जिनमें प्राधिकरण का अभाव, रिकॉर्ड न रखना और डीज़ल जनरेटर तेल व कीचड़ जैसे खतरनाक अपशिष्ट के सुरक्षित भंडारण की कमी शामिल है। Solid Waste Management Rules के उल्लंघन भी दर्ज किए गए, जैसे कचरे का अनुचित भंडारण, पृथक्करण की कमी और गैर-कार्यशील कंपोस्टिंग प्रणाली। पंजाब सरकार ने कहा कि ये केवल तकनीकी या प्रक्रियात्मक चूक नहीं हैं, बल्कि ऐसी उल्लंघनाएँ हैं जो सीधे तौर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य, भूजल और पर्यावरण को खतरे में डालती हैं, और किसी भी ज़िम्मेदार सरकार द्वारा इन्हें नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। पंजाब सरकार ने यह भी बताया कि नियामक गैर-अनुपालन केवल होटल तक सीमित नहीं था। श्रम एवं फैक्ट्री विभाग द्वारा संबंधित समूह से जुड़ी विभिन्न प्रिंटिंग इकाइयों में की गई जाँचों में श्रम क़ानूनों, सुरक्षा मानकों और वैधानिक रिकॉर्ड-रखरखाव में गंभीर और बार-बार उल्लंघन सामने आए। जालंधर स्थित Punjab Kesari Printing Press, Unit-II में Occupational Safety, Health and Working Conditions Code, 2020 के तहत 18 उल्लंघन दर्ज किए गए, जिनमें अवरुद्ध फायर एग्ज़िट, एक्सपायर्ड फायर एक्सटिंग्विशर, असुरक्षित विद्युत वायरिंग, सुरक्षात्मक उपकरणों का अभाव, खाली प्राथमिक उपचार बॉक्स, खराब स्वच्छता व प्रकाश व्यवस्था तथा श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण रिकॉर्ड प्रस्तुत न करना शामिल है। इसी प्रकार लुधियाना के फोकल प्वाइंट स्थित Jagat Vijay Printers में निरीक्षण के दौरान ग्रेच्युटी व वेतन रिकॉर्ड प्रस्तुत न करना, मस्टर रोल और लेबर वेलफेयर फंड रिकॉर्ड का अभाव, अपर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था, मशीनों पर सुरक्षा गार्ड की कमी, असुरक्षित कार्यस्थल और अवरुद्ध आपातकालीन निकास पाए गए। पंजाब सरकार ने कहा कि इन सभी निरीक्षण रिपोर्टों से आबकारी, पर्यावरण और श्रम क्षेत्रों में नियामक उपेक्षा का एक स्पष्ट पैटर्न सामने आता है। “जब कई वैधानिक प्राधिकरण तारीखों, धाराओं और हस्ताक्षरों के साथ उल्लंघन दर्ज करते हैं, तब कार्रवाई कोई विकल्प नहीं बल्कि कानूनी दायित्व बन जाती है,” सरकार ने कहा। उत्पीड़न के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब सरकार ने कहा कि श्रम, सुरक्षा और पर्यावरण क़ानूनों का प्रवर्तन प्रेस की स्वतंत्रता के नाम पर रोका नहीं जा सकता। “अवरुद्ध फायर एग्ज़िट, असुरक्षित वायरिंग या बिना उपचारित सीवेज के निर्वहन को नज़रअंदाज़ करना आपराधिक लापरवाही के समान होगा,” सरकार ने कहा। पंजाब सरकार ने “पूर्वनिर्धारित साज़िश” के आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि विभिन्न विभागों की एक साथ की गई कार्रवाई यह दर्शाती है कि ये उल्लंघन पहले लंबे समय तक अनदेखे रहे थे। “क़ानूनी कार्रवाई, भले ही विलंब से की जाए, केवल इसलिए दुर्भावनापूर्ण नहीं हो जाती कि अब उसे अंजाम दिया जा रहा है,” सरकार ने कहा। सरकारी विज्ञापनों को लेकर लगाए गए आरोपों पर पंजाब सरकार ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक विज्ञापन कोई अधिकार नहीं है और इसे नियामक जाँच से बचाव का माध्यम नहीं बनाया जा सकता। अंत में, पंजाब सरकार ने स्वतंत्र, निर्भीक और ज़िम्मेदार प्रेस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता किसी को भी आबकारी, पर्यावरण या श्रम क़ानूनों से छूट नहीं देती। “पंजाब में क़ानून सभी पर समान रूप से लागू होता है। संपादकीय स्वतंत्रता की रक्षा की जाएगी, लेकिन सार्वजनिक स्वास्थ्य, मज़दूरों या पर्यावरण को खतरे में डालने वाले उल्लंघनों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा,” पंजाब सरकार ने कहा। उधर पंजाब केसरी समहू द्वारा मामले में सरकार की कार्यवाही को पत्रकारिता की सवतंत्रता पर प्रहार की संज्ञा दी उन्होंने समहू द्वारा चलाए जा रहे होटल से लेकर प्रिंटिंग प्रेस पर जाँच की कार्यवाही को एक सुनियोजित षड्यंत्र बताया l