चंडीगढ़, 15 जनवरी : पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा ने विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा उनके यूनाइटेड किंगडम और इज़राइल के आधिकारिक निवेश दौरे को बिना कारण बताए रद्द करने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने केंद्र के इस फैसले को ‘दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय’ करार देते हुए कहा कि यह पंजाब के आर्थिक विकास की राह में बड़ी बाधा है।
संजीव अरोड़ा ने कहा कि जापान और दक्षिण कोरिया के पिछले सफल दौरों के बाद अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने पंजाब में गहरी रुचि दिखाई थी। इस प्रस्तावित दौरे का उद्देश्य वैश्विक निवेश को आकर्षित कर युवाओं के लिए रोजगार सृजन करना था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह निर्णय राजनीतिक कारणों से लिया गया है, तो यह बेहद दुखद है। उन्होंने भारत सरकार से इस फैसले पर तुरंत पुनर्विचार करने की अपील की।
मंत्री ने पंजाब की प्रगति के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि 2022 से अब तक राज्य में 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है, जिससे 5.2 लाख नौकरियां पैदा हुई हैं। 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' में पंजाब की रैंकिंग का हवाला देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र का यह असहयोग राज्य की प्रगति को नुकसान पहुँचाएगा, लेकिन पंजाब सरकार राज्य की समृद्धि के लिए अथक प्रयास जारी रखेगी।
प्रमुख बिंदु: पंजाब के निवेश दौरे पर टकराव
बिना कारण रोक: विदेश मंत्रालय (MEA) ने यू.के. और इज़राइल के आधिकारिक दौरे के लिए मंजूरी देने से इनकार किया।
संजीव अरोड़ा का बयान: फैसले को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया और राजनीतिक भेदभाव की आशंका जताई।
आर्थिक नुकसान: मंत्री के अनुसार, वैश्विक पहुंच रुकने से पंजाब के युवाओं के रोजगार के अवसर प्रभावित होंगे।
निवेश की रफ़्तार: वर्ष 2022 से अब तक पंजाब में 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 5.2 लाख नौकरियां सृजित।
पिछली सफलता: जापान और दक्षिण कोरिया दौरों से निवेशकों ने पंजाब में दिखाई थी बड़ी दिलचस्पी।
पुरस्कृत राज्य: 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और 'स्टार्टअप' क्षेत्र में पंजाब को मिल चुका है केंद्र से सम्मान।