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कोटक महिंद्रा बैंक में फ्रॉड का मामला, सहायक उपाध्यक्ष की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप
नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोटक महिंद्रा बैंक से जुड़े 145 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक के सहायक उपाध्यक्ष पुष्पेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार कर विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 9 जून तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया गया है। ईडी की जांच की शुरुआत पंचकूला एसीबी में दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई थी, जिसमें नगर निगम पंचकूला के 145 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगाया गया था। जांच में सामने आया कि इस पूरे मामले में बैंक अधिकारियों, नगर निगम के कर्मचारियों और कुछ निजी व्यक्तियों की मिलीभगत थी। जांच एजेंसी के अनुसार, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नगर निगम के नाम से दो बैंक खाते खोले गए और उनमें सरकारी धन ट्रांसफर किया गया। इस साजिश में कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार राघव, पुष्पेन्द्र सिंह और नगर निगम के पूर्व अधिकारी विकास कौशिक की भूमिका सामने आई है। ईडी ने बताया कि इन खातों से रकम को फर्जी प्राधिकरण पत्रों के जरिए अलग-अलग लोगों के खातों में भेजा गया। बाद में यह पैसा विभिन्न फाइनेंसर्स के माध्यम से घुमाकर फिर से पुष्पेन्द्र सिंह और उसके करीबियों तक पहुंचाया गया। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस धन का इस्तेमाल रियल एस्टेट कंपनियों और निजी निवेश में किया गया। ईडी का कहना है कि मामले में मनी ट्रेल की गहराई से जांच की जा रही है और आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।