Uturn Time
Breaking
सुबह-सुबह 8 से 10 गाड़ियों में पहुंची सेंट्रल जीएसटी की टीमें, सुधीर फोर्जिंग में दस्तावेजों की जांच शुरू Chandigarh: हरियाणा में आयुष सेवाओं को मिलेगा विस्तार, हिसार आयुष अस्पताल अगस्त 2026 तक होगा शुरू Shimla: हिमाचल कैबिनेट का बड़ा फैसला, 5,600 से अधिक पदों पर होगी भर्ती; आशा वर्करों और शिक्षकों को भी राहत Chandigarh: हरियाणा में लर्निंग लाइसेंस के नियम बदले, अब पहले सीखनी होगी सेफ ड्राइविंग और फर्स्ट एड New Delhi: दिल्ली प्रदर्शन में 65 लोग घायल, आरएमएल अस्पताल में भर्ती; पुलिसकर्मी भी शामिल New Delhi: भारत और बेनिन मिलकर मजबूत करेंगे चुनाव प्रबंधन व्यवस्था, निर्वाचन कर्मियों के प्रशिक्षण पर बनी सहमति New Delhi: राहुल गांधी का सरकार पर हमला, बोले- छात्रों की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ New Delhi: राष्ट्रपति मुर्मु की मोल्दोवा यात्रा: कृषि, एआई और डिजिटल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति Kolkata: दिल्ली छात्र आंदोलन पर ममता का केंद्र पर हमला, बोलीं- लोकतंत्र में लाठी नहीं, संवाद होना चाहिए Chandigarh: 2027 विधानसभा चुनाव लड़ेंगे अमृतपाल सिंह, 'वारिस पंजाब दे' ने सीएम चेहरा घोषित किया Mohali: एयरोट्रोपोलिस विस्तार के लिए 3,523 एकड़ भूमि अधिग्रहण का अवॉर्ड जारी, किसानों को मिलेंगे 23,457 करोड़ रुपये Chandigarh: बेअदबी केस में एसआईटी के सामने पेश हुए सुखबीर बादल, बोले- जांच में करूंगा पूरा सहयोग
Logo
Uturn Time
भारत-ऑस्ट्रेलिया डायलॉग से क्षेत्रीय सुरक्षा पर फोकस
नई दिल्ली: 1 जून को भारत और Australia के रक्षा मंत्रियों के बीच अहम ‘डिफेंस मिनिस्टर्स डायलॉग’ आयोजित होगा। इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री Richard Marles करेंगे। बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी और सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान पर जोर दिया जाएगा। चर्चा में रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने, सैन्य अंतर-संचालनीयता बढ़ाने, रक्षा उद्योग में साझेदारी और क्षेत्रीय व वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विशेष फोकस रहेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह संवाद भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों को और मजबूती देगा, साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगा। उल्लेखनीय है कि यह दौरा अक्टूबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित पहली बैठक के बाद हो रहा है, जो दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी की बढ़ती गति को दर्शाता है। इस बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों और वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए यह वार्ता काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक के दौरान सैन्य सहयोग बढ़ाने, संयुक्त अभ्यास, रक्षा तकनीक और आपसी समन्वय को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संवाद भारत-ऑस्ट्रेलिया के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती देगा और क्षेत्रीय स्थिरता में भी अहम भूमिका निभाएगा।