पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के पंजाब राज्य चैप्टर ने फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल ऑर्गनाइजेशन (फिको) तथा पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीऐ) के सहयोग से 29 मई 2026 को होटल कार्लटन इन, लुधियाना में “राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस): एमएसएमई कार्यबल के लिए सुरक्षित भविष्य का निर्माण” विषय पर एक जागरूकता सत्र आयोजित किया। इस सत्र का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को कर्मचारियों के लिए संरचित सेवानिवृत्ति योजना एवं सामाजिक सुरक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना था। इस सत्र में 60 से अधिक सदस्यों ने भाग लिया।
स. गुरमीत सिंह कुलार प्रधान फिको ने एमएसएमई क्षेत्र में सेवानिवृत्ति की तैयारी की बढ़ती आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एनपीएस एक पारदर्शी, विनियमित और किफायती पेंशन समाधान है, जो नियोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों के लिए लाभदायक है तथा आर्थिक रूप से सुरक्षित कार्यबल के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
पीएफआरडीए के सहायक प्रबंधक श्री धृतिमान सरकार ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के नियामक ढांचे और उद्देश्यों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनपीएस एक सरकार द्वारा विनियमित पेंशन योजना है, जो दीर्घकालिक वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा देती है और ग्राहकों को सेवानिवृत्ति के बाद स्थिर आय प्रदान करती है।
एचडीएफसी पेंशन फंड के वरिष्ठ प्रबंधक श्री ऐश्वर्य मुद्गल ने “एमएसएमई के लिए एनपीएस – लाभ, नामांकन प्रक्रिया एवं कर लाभ” विषय पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने एनपीएस में योगदान संरचना, ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया, नियोक्ता-कर्मचारी अंशदान के लाभ तथा आयकर अधिनियम के अंतर्गत उपलब्ध विभिन्न कर प्रोत्साहनों की जानकारी दी। उन्होंने एमएसएमई इकाइयों को कर्मचारी कल्याण, कर्मचारियों को बनाए रखने तथा दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा के लिए एनपीएस अपनाने हेतु प्रेरित किया।
पीएचडीसीसीआई पंजाब राज्य चैप्टर के लुधियाना जोन के सह-संयोजक सीए विशाल गर्ग ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कहा कि एमएसएमई क्षेत्र के लिए एनपीएस एक प्रभावी एवं किफायती सामाजिक सुरक्षा समाधान है, जो कर्मचारियों के कल्याण को बढ़ावा देने, कार्यबल को स्थिर बनाए रखने तथा सतत व्यावसायिक विकास में सहायक सिद्ध हो सकता है।