Uturn Time
Breaking
Amritsar: ऑपरेशन ब्लू स्टार की याद में Akal Takht में धार्मिक कार्यक्रम शुरू, संगत में भावुक माहौल Chandigarh: बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी हवारा ने मांगी राहत, मां की देखभाल के लिए पैरोल की मांग Hisar: मेजर अमित कुमार ने किया हिसार का नाम रोशन, उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिला सम्मान Hisar: रिश्वतखोरी पर एसीबी का शिकंजा, हिसार में दो पटवारी सहित तीन गिरफ्तार Chandigarh: हरियाणा एसीबी की नई पहल, मोबाइल एप के जरिए भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश New Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड के बाद प्रशासन सक्रिय, पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने का निर्णय, मृतकों के परिवारों को 10 लाख New Delhi: ईडी की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप, सलीम डोला सिंडिकेट के 21 ठिकानों पर छापेमारी Ludhiana: बिट्टू गुंबर गौसेवा के लिए पूरी तरह समर्पित हैं: दर्शन लाल बवेजा Ludhiana: राजा वडिंग के नेतृत्व में 2027 चुनावों के लिए कांग्रेस पूरी तरह सक्रिय: विपन अरोड़ा Sonipat: उपायुक्त नेहा से मिले पीएम केयर्स योजना के बच्चे, उज्जवल भविष्य को लेकर हुई बातचीत Rewari: हरियाणा में पेयजल व्यवस्था को लेकर सरकार सख्त, रणबीर गंगवा बोले- अधिकारियों की लापरवाही नहीं चलेगी New Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सख्त, अधिकारियों के साथ शुक्रवार को होगी समीक्षा बैठक
Logo
Uturn Time
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान पी.एस.पी.सी.एल. डिवीजन गुरदासपुर के प्रभारी लेखा शाखा के लेखाकार अमृतपाल सिंह को 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आज यहां यह जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को जिला गुरदासपुर के इस्लामाबाद निवासी एक व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता पी.एस.पी.सी.एल. विभाग से जूनियर इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त हुआ था और सेवानिवृत्ति के बाद उसके महंगाई भत्ते तथा वेतन निर्धारण (फिक्सेशन) के बकाया विभाग के पास लंबित थे। इस संबंध में वह अपने बकाये प्राप्त करने के लिए पी.एस.पी.सी.एल. डिवीजन गुरदासपुर के प्रभारी लेखा शाखा के लेखाकार अमृतपाल सिंह से मिला। प्रवक्ता ने आगे बताया कि आरोपी लेखाकार ने शिकायतकर्ता के बकाये जारी करने के लिए 15,000 रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी लेखाकार पिछले डेढ़ वर्ष से उसे परेशान कर रहा था। शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने संबंधी पूरी बातचीत भी रिकॉर्ड कर ली थी। रिश्वत न देने की इच्छा के चलते शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो रेंज अमृतसर से संपर्क किया। उसकी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया और आरोपी लेखाकार को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया। इस संबंध में विजिलेंस ब्यूरो थाना अमृतसर में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।