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जल आपूर्ति सुधारने के लिए सरकार सक्रिय, समीक्षा बैठक में चर्चा
नई दिल्ली: नई दिल्ली में बढ़ती गर्मी और जल मांग को देखते हुए सरकार ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजधानी में कहीं भी पानी की कमी न हो और आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से बनाए रखी जाए। बैठक में जल आपूर्ति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि संभावित संकट से निपटने के लिए पहले से ही आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जल आपूर्ति की स्थिति का जायजा लिया, जिसमें जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में बताया गया कि वजीराबाद के पास यमुना नदी में जल स्तर प्रभावित होने से राजधानी की सप्लाई पर दबाव बना हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने नायब सिंह सैनी से बातचीत की, जिसके बाद हरियाणा की ओर से मुनक नहर के जरिए न्यूनतम 1000 क्यूसेक पानी देने का आश्वासन मिला है। अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में 980 से अधिक पानी के टैंकर रोजाना 6000 से ज्यादा ट्रिप कर रहे हैं। संकरी गलियों के लिए छोटे टैंकरों की भी व्यवस्था की गई है। वहीं यमुना खादर क्षेत्र में नए बोरवेल लगाकर रोजाना 10.5 एमजीडी पानी की अतिरिक्त आपूर्ति बढ़ाई गई है। मुख्यमंत्री ने जल रिसाव पर सख्ती दिखाते हुए कहा कि पानी की एक-एक बूंद कीमती है और किसी भी तरह की बर्बादी बर्दाश्त नहीं होगी। पिछले एक सप्ताह में जल बोर्ड को 11,055 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 8,500 का समाधान किया जा चुका है। बाकी शिकायतों के जल्द निपटारे के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने दीर्घकालिक योजनाओं पर भी काम तेज कर दिया है। हरियाणा से पाइपलाइन के जरिए पानी लाने की योजना पर IIT Roorkee अध्ययन कर रहा है। इसके अलावा वजीराबाद में ड्रेजिंग, नए जल शोधन संयंत्र और अतिरिक्त बोरवेल लगाने की योजना भी बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर जोर देते हुए कहा कि 75 स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं और 500 नई संरचनाओं के निर्माण की योजना पर काम शुरू हो चुका है। अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था जैसे टैंकरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि आम जनता को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है और इस दिशा में हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।